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सेंसेक्स 15 हजार के नीचे  Search similar articles
शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी
एशियाई शेयर बाजारों के टूटने और यहाँ रियलटी, बैंकेक्स, धातु तथा आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के चलते घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिवस में गिरावट का सिलसिला रहा।

बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 176.85 अंक के नुकसान से 84 दिन के बाद 15 हजार अंक से नीचे बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 51.15 अंक टूटा।

बाजार सूत्रों का कहना है कि फिलहाल जो भी कारक हैं, उन्हें देखते हुए शेयर बाजारों में मजबूती की उम्मीद करना बेकार है। कच्चे तेल की कीमतें 135 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हैं, जिसे देखते हुए महँगाई का भारी दबाव बना हुआ है।

सेंसेक्स कारोबार के शुरू में कल के 15066.10 अंक की तुलना में 14979.96 अंक पर नीचा खुला और इसकी तुलना में टूटता हुआ नीचे में 14645.03 अंक तक लुढ़का। सत्र में सेंसेक्स का उच्चतम स्तर 15088.03 अंक रहा और समाप्ति पर कुल 176.85 अंक अर्थात 1.17 प्रतिशत गिरकर 14889.25 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले 19 मार्च को सेंसेक्स 15 हजार अंक से नीचे 14994.83 अंक पर था।

बीएसई के अन्य सूचकांकों में मिडकैप और स्मालकैप में क्रमश: 66.50 तथा 75.38 अंक निकल गए। बैंकेक्स सूचकांक में 6862.33 अंक पर 2.43 प्रतिशत अर्थात 170.99 अंक निकल गए। आईटी 4283.96 अंक पर पौने तीन प्रतिशत अथवा 121.02 अंक टूटा। रियलटी में 121.61, धातु 123.69 और एफएमसीजी में 36.65 अंक का नुकसान हुआ। हेल्थ केयर सूचकांक में 93.16 प्रतिशत अर्थात 2.16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

एनएसई का निफ्टी 1.14 प्रतिशत अर्थात 51.15 अंक के नुकसान से 4449.80 अंक रह गया। इसके मिडकैप 50 में 1.71 प्रतिशत तथा जूनियर में 1.79 प्रतिशत का घाटा रहा।

कल के अवकाश के बाद खुला हांगकांग का हैंगसैंग सूचकांक 4.2 प्रतिशत के नुकसान से दस सप्ताह के न्यूतनम स्तर पर बंद हुआ। चीन के शंघाई कम्पोजिट सूचकांक में सात प्रतिशत से अधिक और जापान का निक्केई 1.1 प्रतिशत नीचे आए। ऑस्ट्रेलिया का शेयर बाजार भी नीचा था।

बीएसई में सत्र के दौरान 2699 कंपनियों के शेयरों में कामकाज हुआ। इसमें से 67.76 प्रतिशत अर्थात 1667 कंपनियों के शेयर नीचे 35.72 प्रतिशत अथवा 964 कंपनियों के शेयरों में सुधार का रुख था। मात्र 68 कंपनियों के शेयर स्थिर रहे। सेंसेक्स की तीस कंपनियों में नौ के शेयर लाभ तथा 21 के नुकसान में थे।

सेंसेक्स में सर्वाधिक घाटा आवास ऋण उपलब्ध कराने वाली एचडीएफसी के शेयर में रहा। कंपनी का शेयर 4.79 प्रतिशत अर्थात 105.65 रुपए गिरकर 2206.65 रुपए का रह गया। रियलटी कंपनी डीलएफ के शेयर में 481.55 रुपए पर 0.35 प्रतिशत अर्थात 1.70 रुपए का और नुकसान हुआ।

ओएनजीसी के शेयर को 872.60 रुपए पर 4.74 प्रतिशत अर्थात 41.35 रुपए का झटका लगा। आईटी वर्ग की चारों बड़ी कंपनियों टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो और सत्यम कंप्यूटर के शेयर नुकसान में थे। इसके अलावा सेंसेक्स के पहले बीस शेयरों में एचडीएफसी बैंक, जयप्रकाश एसोसिएट्स, आईटीसी लिमिटेड, रिलायंस इन्फ्रा, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, रिलायंस कम्युनिकेशंस, एलएंडटी, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और महिन्द्रा एंड महिन्द्रा शामिल थे।

औषधि कंपनी रैनबैक्सी लैबोरेट्रीज का शेयर सेंसेक्स में सर्वाधिक बढ़त पाने में सफल रहा। इसके शेयर में 526.40 रुपए पर 6.53 प्रतिशत अथवा 34.35 रुपए बढ़े। इसी वर्ग की सिप्ला का शेयर 2.13 प्रतिशत अर्थात 4.40 रुपए की बढ़त से 206.65 रुपए पर बंद हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिन्दुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड, मारुति सुजूकी, एसीसी लिमिटेड, भेल, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और अम्बुजा सीमेंट सेंसेक्स के फायदे वाले अन्य शेयर थे।
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