शुरुआती फायदे को गँवाते हुए बंबई शेयर बाजार अंतत: 108 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। रिफाइनरी शेयरों में नुकसान दर्ज किया गया।
कारोबारियों ने बताया कि औद्योगिक मंदी को लेकर व्याप्त आशंकाएँ और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आसमान छूने की वजह से शेयर बाजार में गिरावट आई।
अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा कि अमेरिका ने लगातार दो तिमाही में कमजोर विकास दर्ज किया है। हमें आशंका है कि प्रशांत क्षेत्र में माँ कम होने का असर एशिया पर भी जल्द ही होना शुरू होगा।
बंबई स्टाक एक्सचेंज का सेंसेक्स शुरुआत में 17085.63 अंक की ऊँचाई पर गया। एशियाई बाजारों में आई तेजी ने इसकी तेजी में योगदान किया। लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की मंदी की चिंताओं से सेंसेक्स अंतत: 16752.85 पर जा पहुँचा। इस प्रकार सेन्सेक्स 108.04 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट प्रदर्शित करता है। कल यह 16860.90 था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 54.85 अंक या 1.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4957.80 पर बंद हुआ। कल यह 5012.65 था। चीन के अलावा अन्य एशियाई बाजार भी सकारात्मक रुख लिए बंद हुए जबकि यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार कमजोर रहा। तेल एवं गैस खंड के शेयरों में सबसे अधिक 286.32 अंक की गिरावट दर्ज हुई और यह 10907.35 पर जा पहुँचा। इसके बाद पूँजी माल खंड का इन्डेक्स 60.85 अंक गिरकर 13060.97 पर जा पहुँचा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की बाजार में आज गतिविधियाँ तेज रहीं। पिछले दो दिन से वे शुद्ध बिकवाल रहे। इस बीच कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 126 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुँच गई है। न्यूयॉर्क में कल इसकी कीमत 123.50 डॉलर प्रति बैरल थी।
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