मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > शेयर बाजार > समाचार
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
शेयर बाजार में रहेगा माहौल सतर्क
मंदे की गिरफ्त में जकड़े देश के शेयर बाजारों में आगामी सप्ताह सतर्क माहौल रहने की अधिक संभावना है। बीते सप्ताह शेयर बाजारों में लगातार तीसरे सप्ताह जोरदार गिरावट देखी गई। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 765 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 172 अंक नीचे आए।

बाजार विशलेषकों का कहना है कि शेयर बाजारों में वर्तमान माहौल में बहुत अधिक तेजी की उम्मीद करना व्यर्थ है। विदेशी शेयर बाजारों में निरंतर उठापटक बनी हुई है। मुद्रास्फीति ग्यारह माह के उच्च स्तर पर है और अर्थव्यवस्था की विकास दर के धीमा पड़ने के संकेत हैं।

विशलेषकों की राय में आगामी सप्ताह गुरुवार को चालू माह का वायदा एवं विकल्प का निपटान होना है, इसे देखते हुए सौदे पूरे करने के लिए कुछ लिवाली निकल सकती है। किंतु वर्तमान माहौल में निवेशकों का विश्वास डिगा हुआ है और इनके फिलहाल सक्रिय होने की उम्मीद नहीं लग रही है।

दिल्ली शेयर बाजार के पूर्व अध्यक्ष और ग्लोबल मार्केट्स लिमिटेड के प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल का मानना है कि मुद्रास्फीति की दर के फिर से छह प्रतिशत के निकट पहुँच जाना शेयर बाजारों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उनका मानना है कि शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव का दौर बना रहने की अधिक उम्मीद है।

औद्योगिक सूचकांक की वृद्धि दर इस वर्ष जनवरी में पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम रह जाने के बाद छह प्रमुख बुनियादी सुविधा क्षेत्र की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही रही। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 26.7 प्रतिशत का योगदान रखने वाले छह प्रमुख बुनियादी सुविधा क्षेत्रों, कच्चा तेल, कोयला, बिजली, सीमेंट, इस्पात और पैट्रोलियम शोधन की रफ्तार पहले के 8.3 प्रतिशत की तुलना में गिरकर 4.2 प्रतिशत रह गई।

बीते सप्ताह गुरुवार और शुक्रवार को शेयर बाजारों में ईद-ए-मिलाद और गुड फ्राइडे का अवकाश रहा। शनिवार और रविवार को शेयर बाजार सामान्य तौर पर बंद रहते हैं। इस प्रकार चार दिन बाद शेयर बाजारों में सोमवार को काम शुरु होगा।

उधर 18 मार्च को अमेरिका के फैडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में पौना प्रतिशत की और कमी की, किंतु इसका बहुत अधिक फायदा मिलता दिखाई नहीं दे रहा है।

बीते सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 765 अंक अर्थात 4.85 प्रतिशत गिरकर 14994.83 अंक और एनएसई का निफ्टी 171.85 अंक अर्थात 3.62 प्रतिशत के नुकसान से 4573.95 अंक रह गया।

बीएसई में मझौली और लघु कंपनियों के शेयरों में बीते सप्ताह खासी बिकवाली देखी गई और इसके चलते मिडकैप सूचकांक 9.40 प्रतिशत अर्थात 619.35 अंक टूटकर 5964.10 अंक रह गया। स्मालकैप में 722.20 अंक पर 10.61 प्रतिशत अर्थात 857.30 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स 10 जनवरी के अपने 21206.77 अंक के रिकॉर्ड की तुलना में अब तक 29.29 प्रतिशत अर्थात 6211.94 अंक टूट चुका है। सप्ताह के दौरान बीएसई का सेंसेक्स सूचकांक 10 प्रतिशत और रियलटी आठ प्रतिशत नीचे आए। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया के शेयर में 14 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक में 12 और एचडीएफसी में 11 प्रतिशत का नुकसान हुआ।

सोमवार को कारोबार में सेंसेक्स ने अपने इतिहास में एक दिन की दूसरी बड़ी गिरावट 951.03 अंक का कड़वा स्वाद चखा। इस दिन एनएसई के निफ्टी ने 242.70 अंक की डुबकी लगाई। इसके बाद के दो दिनों में शेयर बाजारों में सुधार दिखा, किंतु वह सोमवार के भारी नुकसान की भरपाई नहीं कर पाए।

इस वर्ष विदेशी संस्थागत निवेशक अब तक 15 हजार 892 करोड़ 27 लाख रुपए की बिकवाली कर चुके हैं। घरेलू साझा कोषों ने इसके विपरीत 6638 करोड़ 30 लाख रुपए शेयर बाजारों में झोंके।

सेंसेक्स से जुड़े शेयरों में सर्वाधिक भारांक रखने वाला रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 9.14 प्रतिशत गिरकर 2159-05 रुपए रह गया। एलएंडटी के शेयर में 2839 रुपए पर 3.44 प्रतिशत निकल गए।

रिलायंस एनर्जी का शेयर 9.17 प्रतिशत टूटकर 1207.50 रुपए रह गया। रिलायंस कम्युनीकेशंस में 506.45 रुपए पर 6.14 प्रतिशत निकल गए। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 12.90 और एसबीआई का 11.34 प्रतिशत गिरकर क्रमश: 766.35 रुपए 1602.85 रुपए रह गए।
और भी
शेयर सूचकांक 161 अंक चढ़ा
शेयर बाजार में मामूली सुधार
निवेशकों के तीन लाख करोड़ डूबे
शेयर बाजार में एक और 'काला सोमवार'
सेंसेक्स की दस बड़ी गिरावटें
कार्पोरेट गतिविधियाँ