वर्ष 2008-09 के बजट में शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स को 10 प्रतिशत बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने और शेयर बाजार को सेवाकर के दायरे में लाए जाने के प्रस्तावों के बीच शुक्रवार को बम्बई शेयर बाजार का (बीएसई) सेंसेक्स 245.76 अंक अर्थात 1.38 प्रतिशत गिरकर 17578.72 पर पहुँच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी में भी 1.17 प्रतिशत अर्थात 61.60 अंक की गिरावट दर्ज की गई। वित्तमंत्री द्वारा आज संसद में बजट पेश किए जाने की खबरों के बीच सत्र की शुरुआत में करोबार कोई विशेष नहीं हुआ। जैसे-जैसे वित्तमंत्री अपना भाषण पढ़ते गए, परदा हटता गया। छोटी कारों और दुपहिया वाहनों पर उत्पाद शुल्क मे कटौती की घोषणा से जहाँ मारुति सुजुकी और बजाज ऑटो के शेयर क्रमशः 3.86 एवं 2.73 प्रतिशत चढ़कर 867.20 रुपए और 2280.15 रूपए पर पहुँच गए, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के शेयर नीचे चले गए। इन्फोसिस टेक के शेयर तो 52.55 रुपए अर्थात 3.29 प्रतिशत नीचे चले गए। सत्यम कम्प्यूटर, विप्रो, टीसीएस भी घाटे में रहे। विदेशी शेयर बाजारों से मिलेजुले समाचार मिले। ब्रिटेन में ऊर्जा कंपनियों के शेयर झूमने से वहाँ बाजार ऊँचे में खुला वहीं हांगकांग का हेंगसेंग 1.1 प्रतिशत नीच में बंद हुआ। ऑस्ट्रेलिया में भी 1.4 प्रतिशत नीचे बाजार बंद हुआ। चीन में चाइना रेलवे कंस्ट्रक्शन कंपनी के आईपीओ फिर से आने की खबरों के बीच बाजार 1.14 प्रतिशत ऊपर रहा। सेंसेक्स में भारी भरकम योगदान रखने वाले एल एंड टी. रिलायंस. डीएलएफ, टाटा स्टील, ओएनजीसी, भारती एयरटेल, रिलायंस एनर्जी, एसीसी टाटा मोटर्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, ग्रासिम, हिडाल्को आदि घाटे में रहे।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में नौ कंपनियों के शेयर ऊपर चढ़े, जबकि 21 के शेयर नीचे रहे। सत्र के दौरान कुल 2742 कंपनियों में कारोबार हुआ, जिनमें 1069 कंपनियों के शेयर फायदे में रहे और 1628 कंपनियों के शेयर नुकसान में रहे, जबकि 45 कंपनियों के शेयरों में कोई घटबढ़ नहीं हुई। सत्र की शुरुआत में सेंसेक्स 17779.54 अंक पर खुला जो कल के मुकाबले 45 अंक नीचे था और यही कारोबार का उच्चतम स्तर था। नीचे में यह 17250.29 तक गिरने के बाद कल के मुकाबले 245.76 प्रतिशत अर्थात 1.38 प्रतिशत गिरने के बाद 17578.72 अंक पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी 61.60 अंक अर्थात 1.17 प्रतिशत घटकर 5223.50 अंक पर बंद हुआ। संसद में आज पेश 2008-09 के बजट में जो प्रस्ताव ऐसे नहीं आए, जिससे शेयर बाजारों को तत्काल कोई संजीवनी मिल सके। हालाँकि इसमें छोटे वाहनों, बसों, दोपहिया वाहनों पर उत्पाद शुल्क में कटौती के प्रस्ताव शामिल हैं, जिससे इन कंपनियों के शेयर चढ़े भी। हालाँकि इसके कुछ प्रस्तावों से इस्पात और सीमेंट कंपनियों को भी राहत पहुँचेगी तब भी सेंसेक्स में शामिल टाटा स्टील और एसीसी के शेयर नीचे चले गए। मिडकैप और स्मालकैप के सूचकांकों में गिरावट से बीएसई का रुख भी नकारात्मक रहा। दोनों सूचकांकों में क्रमश: 31.37 तथा 40 अंक का नुकसान देखा गया। अन्य सूचकांकों में बैंकेक्स 39.82 अंक, एफएमसीजी 20.44 अंक ऑटो 57.31अंक ऊपर थे, जबकि ऑयल एंड गैस 132.71 अंक, रियलिटी 15.18 अंक और मेटल 232.49 अंक नीचे थे। सेंसेक्स में सर्वाधिक भारांक रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 3.09 प्रतिशत अर्थात 78.45 रुपए के नुकसान से 2458.70 रुपए पर बंद हुआ। वैसे सेंसेक्स में प्रतिशत के लिहाज से सर्वाधिक गिरावट इन्फोसिस टेक के शेयर में 3.29 प्रतिशत रही। इसका शेयर 52.55 रुपए गिरकर 1546.85 रुपए हो गए। रियलिटी कंपनी डीएलएफ के शेयर में 3.08 प्रतिशत की गिरावट रही। टाटा स्टील में 801.55 रुपए पर 2.67 प्रतिशत अर्थात 22.15 रुपए निकल गए। रिलायंस एनर्जी, अम्बूजा सीमेंट, एसीसी, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस कम्युनिकेशंस में भी गिरावट रही। फायदे वाली कंपनियों में सर्वाधिक बढ़त मारुति सुजुकी के शेयर में 3.86 प्रतिशत की थी। इसका शेयर 32.25 रुपए बढ़कर 867.20 रुपए पर बंद हुआ। बजाज ऑटो में 2280 रुपए पर 2.73 प्रतिशत अर्थात 60.55 रुपए का फायदा रहा। एसबीआई. हिन्दुस्तान यूनीलीवर, एचडीएफसी, सिप्ला, रैनबेक्सी लैब, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, बजाज ऑटो ओर आईटीसी के शेयर फायदे वाले शेयरों में शामिल रहे।
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