निधियों की देर से की गई मुनाफावसूली के चलते घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती मजबूती लुप्त हो गई और सेंसेक्स नकारात्मक रुख के साथ लगभग स्थिर बंद हुआ।
कारोबारियों के अनुसार यूरोपीय बाजारों से मंदी के संकेतों का असर स्थानीय बाजार में भी दिखा और निधियों ने बिकवाली की। बीएसई का तीस शेयर आधारित सेंसेक्स शुरू में 210.21 अंक की मजबूती के साथ 15824.65 की ऊँचाई को छू गया, लेकिन बिकवाली दबाव से इसमें गिरावट का दौर शुरू हुआ और यह अपेक्षाकृत 10.64 अंक की गिरावट के साथ 15603.80 पर बंद हुआ।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 10.95 अंक की गिरावट के साथ 4518 पर बंद हुआ। कारोबारियों के अनुसार निवेशकों ने शुरू में हिचकिचाहट में लिवाली की लेकिन यूरोपीय बाजारों में मंदी का समाचार मिलते ही उन्होंने बिकवाली शुरू कर दी। यह अलग बात है कि बैंकिंग और रियलटी खंड के शेयरों में मजबूती ने सेंसेक्स को अधिक नहीं गिरने दिया।
मुद्रास्फीति में कमी के समाचार का भी अंत में बाजार पर कोई असर नहीं देखा गया।
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