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हिन्दू और मुस्लिम समुदायों के बीच विवादित मसलों को सुलझाने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रमुख केएस सुदर्शन और शिया समुदाय के मौलाना हमीदुल हसन ने रविवार को एक बैठक की।

हसन के आवास पर हुई इस बातचीत में राष्ट्रगीत वंदेमातरम और भारत पाकिस्तान विभाजन को लेकर बातचीत हुई जिसमें हिन्दुस्तान की एकता और आपसी भाईचारे पर बल दिया गया।

हसन ने राष्ट्रगीत वंदेमातरम को लेकर उठे विवाद के बारे में कहा कि इस्लाम धर्म आपस मे शांति और देश तथा सभी धर्मो के प्रति आदर का संदेश देता है, पर हमारा धर्म केवल अल्लाह के अलावा किसी अन्य के इबादत की इजाजत नहीं देता और वन्देमातरम गीत के प्रति सम्मान व्यक्त करने में कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने कहा कि सभी मुस्लिम उलेमाओं को एक मंच पर आकर ‘वन्देमातरम’ को लेकर उठे विवाद पर विचार-विमर्श करना चाहिए ताकि इस मुद्दे पर बहस मुवायसे की कोई गुंजाइश न रह जाए।

पूर्व संघ प्रमुख सुदर्शन ने कहा कि राष्ट्रगीत वंदेमातरम को नाहक विवादास्पद बनाया गया है, जबकि इसका मतलब ‘‘माँ तुझे सलाम है ‘‘ अत: इसमे कुछ भी विवादास्पद नहीं है और नाहक लोग इस पर क्रिया-प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान मे मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या कुल आबादी की 17 प्रतिशत है अत:मुस्लिम हमारे देश मे अल्पसंख्यक नहीं हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम इस देश में पैदा हुए और इस देश का हिस्सा हैं। इस बात को नकारा नही जा सकता। (भाषा)
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