दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को नक्सली नेता कोबाड़ गाँधी के नार्को टेस्ट पर रोक लगा दी। इसे मामले की जाँच कर रहे दिल्ली पुलिस के विशेष दल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
गाँधी के वकील ने अदालत से अपने पक्ष में उनके मुअक्किल के खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया। उन्होंने कहा गाँधी ह्रदय रोग से पीड़ित हैं, लिहाजा उनका नार्को परीक्षण नहीं किया जाए। गाँधी की दलील से सहमति जताते हुए अदालत ने पुलिस को नार्को टेस्ट की इजाजत देने से इनकार कर दिया।
गाँधी ने उच्च न्यायालय से इस तर्क के आधार पर संपर्क किया था कि उसे खुद के खिलाफ सबूत देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 20:3 के तहत उसके अधिकार का उल्लंघन है और उसने परीक्षण के लिए अपनी मंजूरी नहीं दी है।
निचली अदालत ने 31 अक्टूबर को पुलिस को गाँधी का नारको परीक्षण कराने की अनुमति दी थी। इसके पहले जाँच एजेंसी ने अदालत में कहा था कि वह पूछताछ के सभी वैज्ञानिक तरीके अपनाने के बावजूद गाँधी से सभी जानकारी हासिल कर पाने में सक्षम नहीं हो पाई है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अदालत ने यह आदेश दिया और कहा कि 58 वर्षीय गाँधी परीक्षण के लिए शारीरिक तौर पर तंदुरुस्त हैं।
इससे पूर्व एम्स के एक विशेष मेडिकल बोर्ड ने गाँधी का मेडिकल परीक्षण किया था और यह कहते हुए अदालत में रिपोर्ट सौंपी थी कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) का पोलित ब्यूरो नारको एनालिसिस परीक्षण का सामना कर सकता है।
इस आदेश को चुनौती देते हुए गाँधी ने कहा कि इस प्रकार के जबरन परीक्षण की वैधता अभी भी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि मामला उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ के समक्ष लंबित है जिसने इस मामले पर अपना आदेश सुरक्षित रखा है।
गैर कानूनी गतिविधियाँ (निवारण) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किए गए गाँधी ने कहा कि मजिस्ट्रेट को उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए। गाँधी को राष्ट्रीय राजधानी से सितंबर में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस को बड़ा झटका : गाँधी पर नार्को टेस्ट की अनुमति नहीं मिलने से दिल्ली पुलिस विनोद जोशी और राजेश दास (दोनों नक्सली) के खिलाफ ज्यादा सुराग हासिल नहीं कर पाई है।
उल्लेखनीय है कि विनोद जोशी जहाँ उत्तराखंड में नक्सली गतिविधियों का प्रभारी है, वहीं राजेश दास पंजाब-दिल्ली में कामकाज संभालता है।
पुलिस को उम्मीद थी कि कोबाड़ गाँधी पर नार्को टेस्ट के जरिए वह इन दोनों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटा पाएगी। (वेबदुनिया न्यूज/एजेंसी)