कर्नाटक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से असंतुष्ट विधायकों की माँग पर सहमति बनती दिखाई दे रही है। इस क्रम में मुख्यमंत्री की निकटवर्ती शोभा करंदलाजे को मंत्रिमंडल से हटाने और मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव वीपी बालिगर के तबादले की संभावना व्यक्त की जा रही है।
येदियुरप्पा ने बुधवार रात दिल्ली पहुँचने के बाद गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथसिंह, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरण जेटली और वरिष्ठ नेता एम वेंकैया नायडू के साथ अलग-अलग बैठकें की।
सूत्रों ने बताया कि असंतुष्टों का नेतृत्व कर रहे राज्य के पर्यटन मंत्री जी जनार्दन रेड्डी येदियुरप्पा की इस तरह की पेशकश को स्वीकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा है कि वह कल अपने गुट के अन्य सदस्यों के साथ परामर्श करके यहाँ लौटेंगे।
माना जा रहा है कि येदियुरप्पा द्वारा असंतुष्टों की माँग स्वीकार करने से उनकी स्थिति कमजोर तो होगी, लेकिन वर्तमान संकट का समाधान भी जरूरी है इसलिए पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री और पार्टी की प्रतिष्ठा को बचाने के उद्देश्य से असंतुष्टों की नेतृत्व परिवर्तन की माँग को खारिज कर दिया लेकिन मुख्यमंत्री को अपनी कार्यशैली में बदलाव करने की हिदायत दी थी।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि संकट के समाधान संबंधी घोषणा मुख्यमंत्री और रेड्डी बंधुओं के समक्ष की जा सकती है। रेड्डी बंधुओं ने दावा किया है कि राज्य विधानसभा की कुल 224 सदस्यों के सदन में भाजपा के 118 में से 60 विधायक उनके साथ है।
येदियुरप्पा के साथ बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष सिंह ने कहा कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का मसला उनके समक्ष कभी नहीं आया, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि इस संकट का समाधान जल्द ही किया जाएगा। (वार्ता)