महाराष्ट्र में सरकार गठन के प्रयास जारी

राज्यपाल ने कहा- जनादेश का सम्मान हो
मुंबई, बुधवार, 4 नवंबर 2009( 23:09 IST )
महाराष्ट्र में सरकार के गठन पर कश्मकश जारी रहने के बीच प्रदेश के राज्यपाल एससी जमीर ने बुधवार को कांग्रेस राकांपा गठजोड़ से जनादेश का सम्मान करने को कहा है। वहीं इन दोनों दलों ने एक-दो दिनों में राज्य में सरकार के गठन का वायदा किया है।
राज्यपाल ने मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल से मुलाकात की थी। जमीर ने आज कहा कि उन्होंने दोनों नेताओं से बिना देरी किए सरकार गठन की अपनी जिम्मेदारी निभाने को कहा है।
राज्यापाल ने शिवसेना भाजपा नेताओं के एक शिष्टमंडल से कहा कि वे यथाशीघ्र निर्वाचित सरकार गठित करने को लेकर बेहद उत्सुक हैं।
राजभवन के प्रवक्ता ने बताया कि राज्यपाल ने शिष्टमंडल को बताया कि उन्होंने कार्यवाहक मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण और राकांपा नेता छगन भुजबल एवं आरआर पाटिल से कल कहा था कि चूँकि महाराष्ट्र के मतदाताओं ने उन्हें नया जनादेश दिया है लिहाजा यह उनकी जिम्मेदारी है कि जनादेश का सम्मान किया जाए और बिना विलंब किए सरकार का गठन किया जाए।
बहरहाल, महाराष्ट्र के राज्यपाल एससी जमीर के कांग्रेस-राकांपा गठबंधन से जनादेश का सम्मान करने को कहे जाने के बाद कांग्रेस ने आज कहा कि वह सरकार का गठन करेगी और विलंब सिर्फ इसलिए हो रहा है ताकि सरकार गठन के बाद कोई किचकिच न हो।
दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने अगले एक दो दिनों में विभागों का मसला सुलझने और राज्य में सरकार के गठन की उम्मीद व्यक्त की।
कांग्रेस-राकांपा गठजोड़ के राज्यपाल की सलाह मानने के बारे में पूछे गए प्रश्न पर कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद से कहा कि हाँ, निश्चित तौर पर हम जनादेश का सम्मान करेंगे। इस बीच बेंगलुरु में केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि अगले एक दो दिनों में विभागों का मसला सुलझा लिया जाएगा और राज्य में सरकार का गठन हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम सरकार गठन के बाद कोई किचकिच नहीं चाहते इसलिए कुछ समय लग रहा है। अहमद ने याद दिलाया कि पिछले दो मौकों पर भी जब कांग्रेस और राकांपा ने महाराष्ट्र में सरकार बनाई थी, रूपरेखा तय करने में कुछ समय लगा था।
इधर, शिवसेना के विधानसभा में नेता सुभाष देसाई ने राज भवन में कहा कि हमने राज्यपाल से कहा कि विधानसभा नतीजे आने के 13 दिन बाद भी सरकार के शपथ लेने के कोई आसार नहीं हैं। सत्तारूढ़ भागीदारों में मलाईदार विभागों को लेकर खींचतान हो रही है लिहाजा सरकार के गठन में विलंब हो रहा है। (भाषा)