नई दिल्ली (भाषा), मंगलवार, 3 नवंबर 2009( 20:33 IST )
लश्कर-ए-तोइबा के एक आतंकवादी को मौत के घाट उतारकर सुखिर्यों में आई कश्मीरी युवती रूखसाना कौसर ने मंगलवार को स्थायी सरकारी नौकरी विशेषकर अर्धसैनिक बल में एक स्थायी नौकरी की माँग की और कहा कि उसके परिवार के प्रति खतरे के मद्देनजर उसे अपने गृह जिले राजौरी से बाहर भेजा जाना चाहिए।
इस 20 वर्षीय युवती ने कहा कि वह स्कूलों में छात्रों को सैन्य शिक्षा देने की हिमायत करती है, जिससे वह अपने भय को मिटा सके और आतंकवादियों का सामना करने के लिये खुद को तैयार करें।
रूखसाना को अपनी बहादुरी के लिये अपने भाई और चाचा के साथ जम्मू कश्मीर पुलिस में विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।
रूखसाना ने आतंकवाद निरोधक मोर्चे द्वारा यहां आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि वह केंद्र सरकार, आदर्श के रूप में सीआरपीएफ में नौकरी चाहती है।
उसने कहा कि मैं देश के लिए खुद का बलिदान देने को तैयार हूँ। मैं अपने देश के लिए कोई भी काम करने के लिए तैयार हूँ, लेकिन यह केंद्र सरकार की स्थायी नौकरी होनी चाहिए। जबकि विशेष पुलिस अधिकारी की नौकरी अस्थायी है।
रुखसाना ने इन खबरों का भी खंडन किया कि वह दिल्ली में बसना चाहती है, लेकिन कहा कि उसे राजौरी के बाहर नौकरी दी जानी चाहिए क्योंकि वहाँ रहना उसके परिवार के लिए सुरक्षित नहीं हैं।