विश्व प्रसिद्ध श्री साँई मंदिर में तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं। उत्सव के लिए मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। भक्तों को असुविधा न हो इसके लिए संस्थान प्रबंधन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। तीन दिनी उत्सव में प्रमुख कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। उत्सव की शुरुआत 6 जुलाई को होगी। दुनियाभर में साँईबाबा को गुरु मानने वाले भक्तों की संख्या करो़ड़ों में है। व्यास पूर्णिमा को अपने गुरु का पूजन करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। 6 से 8 जुलाई 09 को यहाँ होने वाले गुरु पूर्णिमा उत्सव में करीब दो से ढाई लाख भक्तों के जुटने की संभावना है। गत वर्ष गुरु पूर्णिमा उत्सव में करीब दो लाख श्रद्धालु साँई के दरबार में माथा टेकने आए थे। काकड़ आरती से शुरुआत : उत्सव के लिए मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। 6 जुलाई को सुबह की काकड़ आरती से उत्सव की शुरुआत होगी। रात 9 बजे साँई की पालकी निकलेगी। आरती के बाद भी द्वारकामाई मंदिर पूरी रात साँई चरित पारायण के लिए खुला रहेगा। कलाकार देंगे प्रस्तुति : उत्सव के दौरान इस बार नई दिल्ली के पंडित अनंतलाल, परभणी के माधव आजेगाँवकर, गजानन कोली, राजा काले, नीलिमा निलय के साथ कई अन्य कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। समाधि मंदिर रातभर खुला रहेगा : 7 जुलाई को रात 9 से 11 बजे साँई की रथयात्रा निकाली जाएगी। समाधि मंदिर पूरी रात खुला रहेगा। रात 11 से सुबह 5 तक देश के दिग्गज कलाकारों को साँई बाबा के सामने अपनी कला दिखाने का अवसर मिलता है। इसी वजह से शिर्डी में लाखों भक्तों का इस दिन जमाव़ड़ा लगता है। 8 जुलाई को दोपहर की आरती से पूर्व गोपाल काला कीर्तन, दही हंडी का आयोजन होगा।सफल बनाने की अपील : साँई संस्थान के प्रबंधन अधिकारी किशोर मोरे ने बताया कि उत्सव को लेकर तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। भक्तों को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी। संस्थान के अध्यक्ष जयंत ससाने और अन्य ट्रस्टियों ने गुरु पूर्णिमा उत्सव को सफल बनाने की अपील की है। (नईदुनिया) |