महाराष्ट्र के जलगाँव जिले में पिछले 10 दिन के दौरान अज्ञात बीमारी से करीब 1200 सूअरों, 500 चूजों और बकरे-बकरियों की मौत हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन जानवरों की मौत की वजह का पता अभी तक नहीं लग सका है। हालाँकि माना जा रहा है कि इन पशुओं और पक्षियों की मौत उत्तरी महाराष्ट्र में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण हुई है।
कुक्कुट पालन से जुड़े आदिवासियों ने बताया कि चूजों में बुखार के लक्षण नजर आ रहे थे। दूसरी ओर पशु चिकित्सा अधिकारी शिरसाठ का कहना है कि हो सकता है कि इन जानवरों की मौत इलाके में पड़ रही भीषण गर्मी की वजह से उत्पन्न हुई किसी बीमारी के कारण हुई हो।
जिले में तैनात पशु चिकित्सक साल्वे ने कहा कि सूअरों और बकरे-बकरियों में भी बुखार के लक्षण दिखाई दिए थे और हो सकता है कि इसके साथ-साथ गर्म मौसम की वजह से भी उनकी मौत हुई हो।
गौरतलब है कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से दिन का तापमान करीब 47 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। जलगाँव जिले में 30 अप्रैल को 47.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था, जो राज्य में सबसे ज्यादा था।
सूअरों की मौत का मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब सरकार स्वॉइन फ्लू के बढ़ते खतरे के मद्देनजर सभी एहतियाती कदम उठा रही है। |