पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से साठगाँठ होने की बात सामने आने के बाद असम गण परिषद (अगप) ने मंगलवार को अपनी पार्टी के एक महासचिव को पद से हटा दिया।
कांग्रेस के डॉक्टर हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को विधानसभा में कहा था कि अगप के महासचिव नरूल हुसैन अदालत की अनुमति से जेल में आईएसआई के विचाराधीन कैदियों से मिलने गए थे, उसी वक्त यह तथ्य उजागर हुआ था।
हुसैन ने भी स्वीकार किया कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र की जेल में उनसे मिले थे। अगप ने लोकसभा चुनाव से पूर्व किसी बड़े विवाद से बचने के लिए हुसैन को आज कारण बताओ नोटिस दिया है।
अगप के प्रवक्ता अपूर्व भट्टाचार्य ने कहा पार्टी ने हुसैन के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर उन्हें सभी पदों से हटाने का निर्णय लिया है। डॉक्टर शर्मा ने कहा अगप को हमारी आलोचना करना बंद कर देना चाहिए कि कांग्रेस आईएसआई के प्रति ढुलमुल रवैया अख्तियार करती है।
ज्ञातव्य है कि अगप ने कांग्रेस पर आईएसआई के विचाराधीन कैदियों के प्रति नरमी बरतने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कैदी गवाह ढूँढने के लिए जेल से बाहर आते हैं। |