योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेकसिंह अहलूवालिया ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि गुजरात आर्थिक रूप से विकसित होने के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में देश के कई राज्यों से पिछड़ गया है।
उन्होंने देश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत निजी स्कूलों को खोलने की वकालत भी की।
अहलूवालिया ने कहा कि गुजरात में आर्थिक और सामाजिक विकास तो हुआ पर शिक्षा की दृष्टि से वह कई राज्यों से पिछड़ा है।
उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण की रिपोर्ट से पता चला है कि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या ज्यादा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश के अधिक से अधिक बच्चे स्कूल में पढ़ें और इसके लिए अधिक प्राइवेट स्कूल खुलें तो इसमें हर्ज क्या है।
उन्होंने कहा कि अगर लोग प्राइवेट स्कूल ज्यादा पसंद कर रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि सरकारी स्कूल विफल हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून के लागू होने पर देश में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रह पाएगा।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का काम फंड देना है, कानून को लागू करना तो राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
अहलूवालिया ने कहा कि इस विधेयक को हम पारित करा लेंगे। इसके लिए अध्यादेश लाने की जरूरत हमें नहीं पड़ेगी। यह विधेयक इसी संसद की स्थायी समिति के पास विचारार्थ भेजा गया है। |