सत्यम में धोखाधड़ी के खुलासे के बाद पूरी दुनिया के लिए बी. रामलिंगा राजू भले ही खलनायक बन गए हों, लेकिन पश्चिमी गोदावरी जिले में स्थित अपने पैतृक गाँव गरगापारू के निवासियों के लिए वे अभी भी भले आदमी हैं।
सत्यम कम्प्यूटर के देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बनने के साथ यह बेनाम गाँव गरगापारू चर्चा में आया।
गाँववाले सत्यम की धर्मार्थ कार्य करने वाली शाखा द्वारा किए गए विकास कार्य की सराहना करते हैं और भला आदमी समझते हैं।
एक ग्रामीण रामा राजू ने कहा कि इस क्षेत्र में उन्होंने विकास से जुड़े कई काम किए। हमें उम्मीद है कि वे मौजूदा संकट से उबर जाएँगे।
कई अन्य ग्रामीणों ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की। राजू का कंपनी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना गाँव में चर्चा का विषय बन गया है।
हालाँकि पश्चिमी गोदावरी जिले के सैकड़ों शेयरधारकों के लिए कंपनी का घटनाक्रम सदमे के रूप में सामने आया।
एलुरू के एक शेयरधारक ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि मैंने 64000 रुपए गँवाए। शहर में कई लोगों ने इससे भी ज्यादा पैसे गँवाए हैं। |