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विधायक शेखर तिवारी अदालत में पेश
ओरैया के इंजीनियर हत्याकांड के आरोपी बसपा विधायक शेखर तिवारी और उनके तीन साथियों को आज कानपुर की अदालत में पेश किया गया जहाँ तिवारी के वकीलों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि जब उनके ऊपर वर्ष 2005 में दिबियापुर में एक अपहरण के मामले में गैंगस्टर कानून लगा हुआ है तो फिर दोबारा इंजीनियर हत्याकांड के मामले में गैंगस्टर कानून क्यों लगाया गया है।

इस पर अदालत ने पहले गैंगस्टर एक्ट के मामले की सुनवाई के लिए 24 जनवरी तथा इंजीनियर हत्याकांड वाले गैंगस्टर एक्ट के लिए 25 फरवरी तिथि निर्धारित की।

तिवारी के वकीलों ने उनके मधुमेह और दिल की बीमारी का भी उल्लेख करते हुए तिवारी का अस्पताल में सघन चेकअप किए जाने की माँग की जिसको अदालत ने संज्ञान में नहीं लिया।

ओरैया में पीडब्ल्यूडी इंजीनियर मनोज गुप्ता की हत्या में आरोपी विधायक शेखर तिवारी व उनके तीन साथियों विनय तिवारी, मनोज अवस्थी और पूती राजपूत को आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कानपुर की जिला अदालत में गैंगस्टर अदालत में पेश किया गया।

शेखर तिवारी के वकील अखिलेश सिंह गौड़ ने अपने मुवक्किल का बचाव करते हुए अदालत में एक प्रार्थनापत्र देकर कहा कि तिवारी पर वर्ष 2005 में ओरैया के दिबियापुर थाने में दर्ज अपहरण के एक मामले में पहले से ही गैंगस्टर कानून लगा हुआ है, अब इंजीनियर मनोज गुप्ता हत्याकांड में उनके ऊपर एक बार फिर गैंगस्टर कानून लगा दिया गया है, जो आपत्तिजनक है।

इस पर सरकारी वकील महेन्द्रसिंह यादव ने बचाव पक्ष की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि चूँकि विधायक पर इंजीनियर हत्याकांड में दो नए मुकदमे लगे हैं और पुराने मुकदमों को केस हिस्ट्री के रूप में शामिल किया गया है, इसलिए उन पर दोबारा गैंगस्टर कानून लगाया जाना जायज और कानूनन सही है।

इस पर अदालत ने तिवारी पर लगे पुराने मुकदमों का रिकॉर्ड तलब करते हुए पुराने गैंगस्टर कानून मामले की सुनवाई की तिथि 24 जनवरी निर्धारित की है जबकि इंजीनियर हत्याकांड में लगे गैंगस्टर एक्ट के मामले की सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।

बचाव पक्ष के वकील ने अपने मुवक्किल तिवारी के मधुमेह और दिल की बीमारी से पीड़ित होने की बात कहते हुए उनका जिला अस्पताल में चेकअप कराने की बात कही इसको अदालत ने ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया।

गैंगस्टर अदालत में मामले की सुनवाई के बाद शेखर तिवारी को कड़ी सुरक्षा के बीच कानपुर से इटावा जेल भेज दिया गया।

गौरतलब है कि ओरैया में पीडब्ल्यूडी इंजीनियर एमके गुप्ता की हत्या कथित तौर पर बसपा विधायक शेखर तिवारी और उनके साथियों ने पीट-पीटकर कर दी थी। इस मामले में विधायक और उनके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर गैंगस्टर कानून लगा दिया गया था जिसकी पेशी पर विधायक तिवारी आज कानपुर की गैंगस्टर अदालत में पेश हुए थे।
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