मुम्बई हमलों में शहीद हुए कांस्टेबल तुकाराम ओम्बले की पुत्री ने वारदात को अंजाम देने आए आतंकवादियों में से गिरफ्तार एकमात्र दहशतगर्द अजमल अमीर ईमान कसाब को गेटवे ऑफ इंडिया पर फाँसी देने की माँग की है।
शहीद तुकाराम की बेटी वैशाली ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में प्रकाशित साक्षात्कार में कहा कि कसाब को मानवता के आधार पर रिहा करना मुम्बई हमलों में शहीद हुए लोगों का अपमान होगा।
वैशाली ने कहा कि कसाब को गेटवे ऑफ इंडिया पर फाँसी दे देनी चाहिए। यही हमलों में शहीद हुए लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि कसाब को आखिर किस आधार पर माफ किया जा सकता है। मेरे पिता ने परिवार के भविष्य के बारे में सोचे बगैर उससे मुकाबला किया और शहीद हो गए।
वैशाली ने कसाब के युवा होने की वजह से उसे दण्ड नहीं देने के आग्रह को फिजूल करार देते हुए कहा कि आतंकवादियों ने 16 पुलिसकर्मियों समेत करीब 200 निर्दोष लोगों को मार डाला लिहाजा उनका जुर्म माफी के लायक नहीं है।
वैशाली ने कहा कि दरअसल कसाब को माफ करने से आतंकवादी संगठनों का हौसला बढ़ेगा और वे 15-16 वर्ष के किशोरों को आतंक फैलाने के लिए भेजने लगेंगे।
इससे पहले सामना के कल के अंक में प्रकाशित सम्पादकीय में शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के शहीद पूर्व प्रमुख हेमन्त करकरे की पत्नी कविता तथा उनकी पुत्री के बयान की आलोचना की थी। कविता और उनकी बेटी ने कहा था कि कसाब को मानवता के आधार पर बख्श देना चाहिए।
ठाकरे ने कविता और उनकी बेटी के बयान को गलत करार देते हुए कहा था कि देश उनके विचारों से इत्तेफाक नहीं रखता।
उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों में मारे गए लोगों के परिजन चाहते हैं कि कसाब को फाँसी पर लटका दिया जाए। सिर्फ करकरे के परिजन ही मानवता की बात कर रहे हैं। ऐसा करके वे खुद को औरों से अलग दिखाना चाहते हैं। |