अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर मौजूद एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री ने बुधवार को अंतरिक्ष प्रयोगशाला से स्कूली विद्यार्थियों के साथ उनकी स्थानीय भाषा में सीधी बातचीत की और उनका दिल जीत लिया। देश के अंतरिक्ष इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है।
नासा के अंतरिक्ष यात्री एडवर्ड माइकल माइक फिन्के की पत्नी रेनिता सैकिया असम मूल की हैं। जब फिन्के से पूछा गया कि क्या वे असमिया में बात कर सकते हैं तो उन्होंने कहा कि मोइ आलोप कोबो पारु यानी मैं थोड़ा बहुत बोल सकता हूँ।
फिन्के ने असम जातीय विद्यालय के विद्यार्थियों के 14 सवालों के जवाब दिए। असम के अप्रवासियों के एनजीओ फ्रेंड्स ऑफ असम एंड सेवन सिस्टर्स (एफएएसएस) ने नासा के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया था।
फिन्के की पत्नी रेनिता भी नासा में काम करती हैं और उनके माता-पिता कई वर्ष पहले अमेरिका चले गए थे।
आईएसएस से एक टेलीफोन वार्तालाप के जरिये फिन्के ने छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। उत्सुक विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए फिन्के ने उन्हें बताया कि अंतरिक्ष यान में लोग हैमबर्गर आदि सामान्य भोजन ही करते हैं, लेकिन वे अधिकतर पृथ्वी पर तैयार पैक्ड भोजन ही लेते हैं और कभी-कभी इन्हें गरम कर लेते हैं।
फिन्के ने छात्रों को बताया कि वे अंतरिक्ष यान के अंदर सामान्य तौर पर सोते हैं और 24 घंटे की अवधि के आधार पर अपना खुद का समय तय कर लेते हैं। |