31 साल की वीणा बड़ोले की लंबाई महज 103 सेंटीमीटर है, मगर माँ बनने के बाद उनकी खुशी मानो आकाश छू रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक सामान्य से बेहद कम ऊँचाई वाली बौनी महिलाओं के लिए माँ बनने का सुख पाना किसी करिश्मे से कम नहीं है। यह और बड़ा हो जाता है, जब नवजात सामान्य कद काठी का हो। वीणा के मामले में कुछ ऐसा ही हुआ है।
मूलतः मध्यप्रदेश के खरगोन जिले से ताल्लुक रखने वाली इस महिला की प्रसूति हफ्ते भर पहले हुई थी। वह फिलहाल इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी गोद में शादी के बरसों बाद किलकारियाँ गूँजी हैं।
कभी एक स्कूल में ड्राइंग टीचर रही वीणा कहती हैं माँ बनने के बाद मेरी जिंदगी को मायने मिल गए हैं। इस अहसास का शब्दों में बयान मुश्किल है। वे इस बात को लेकर ज्यादा खुश हैं कि उनका बच्चा लंबाई के मामले में उनके जैसा नहीं होगा।
शासकीय चाचा नेहरू अस्पताल के प्रमुख डा. शरद थोरा के मुताबिक बौनी महिलाओं की जचगी में खासा जोखिम रहता है। उन्होंने कहा ऐसी महिलाओं की किसी तरह जचगी हो जाए तो बच्चे के स्वस्थ बने रहने में संदेह रहता है। बौनापन और इससे जुड़ी शारीरिक दिक्कतें आनुवांशिक भी हो सकती हैं। |