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अध्ययन के लिए उपग्रह भेजेगा भारत
भारत सुदूर आकाशगंगाओं और ब्लैक होल के अध्ययन के लिए अंतरिक्ष में इस साल के अंत में एक अनूठा उपग्रह स्थापित करेगा।

खगोलविदों की मदद से तैयार किया जाने वाला एस्ट्रोसैट नाम का यह उपग्रह देश का विशुद्ध रूप से खगोलविज्ञान को समर्पित एकमात्र उपग्रह होगा।

खगोलविद् इसरो की इस परियोजना से खासे उत्साहित हैं। उम्मीद की जा रही है कि एस्ट्रोसैट की मदद से भारत ब्रह्माण्ड से जुड़ी बातों को समझने के मामले में आगे निकल जाएगा।

इंटर यूनीवर्स सेंटर फॉर एस्ट्रोनोमी एण्ड एस्ट्रोफिजिक्स के वरिष्ठ खगोल भौतिकशास्त्री दीपांकर भट्टाचार्य ने बताया कि एस्ट्रोसैट में अब तक के सर्वश्रेष्ठ पराबैंगनी टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसरो द्वारा वित्तपोषित एस्ट्रोसेट परियोजना में आईयूसीएए के साथ-साथ टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान तथा रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट एण्ड फिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी भी मदद कर रही है।
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