अयोध्या में विवादित ढाँचे को गिराए जाने की कल बरसी के मद्देनजर वाराणसी समेत पूर्वांचल के सभी जिलों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय प्रकाश ने बताया कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, ज्ञानवापी स्थित मस्जिद, दुर्गा मंदिर, संकटमोचन मंदिर, गंगा के घाटों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
उन्होंने बताया कि सभी संवेदनशील इलाकों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है और बलों को अत्यधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है।
वाराणसी क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक गुरूदर्शनसिंह ने बताया कि पूर्वांचल के सभी दस जिलों में कल सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
च्चस्तरीय चौकसी के निर्देश : इसी बीच लखनऊ में उत्तरप्रदेश प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर ने भी कानून व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के लिए पूरे प्रदेश में उच्चस्तरीय सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने 6 दिसम्बर को विश्व हिन्दू परिषद एवं हिन्दू संगठनों द्वारा परम्परा से मनाए जाने वाले 'शौर्य दिवस' और कतिपय मुस्लिम संगठनों द्वारा मनाए जाने वाला 'काला दिवस' के आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया है? प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि प्रतिबंध जैसी कहीं कोई बात नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा कानून और व्यवस्था बनाए रखने की है और इस बात के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी सूरत में किसी को भी साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नही मिलनी चाहिए और ऐसा करने वालो से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।
इस बीच गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रशासन के साथ ही राज्य पुलिस महानिदेशक की तरफ से भी जिला प्रशासनों को जारी निर्देश में कहा गया है कि उच्चस्तरीय सुरक्षा बरती जाए। जहाँ जरूरी हो अतिरिक्त बल तैनात किए जाएँ और इस बात को सुनिश्चित किया जाए कि कानून एवं व्यवस्था में व्यवधान न आने पाए और साम्प्रदायिक सौहार्द बना रहे। |