मुख पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > प्रादेशिक > विलासराव देशमुख का इस्तीफा मंजूर
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजिएयह पेज प्रिंट करें
 
विलासराव देशमुख का इस्तीफा मंजूर
मुंबई में आतंकी हमलों के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के इस्तीफा देने के प्रस्ताव को कांग्रेस आलाकमान ने बुधवार रात अंतत: मंजूरी प्रदान कर दी। देश की आर्थिक राजधानी पर हुए आतंकी हमले के वह तीसरे राजनीतिक शिकार बने हैं।

63 वर्षीय देशमुख के बारे में यह फैसला आतंकी हमलों के पूरे एक सप्ताह बाद हुआ है। इससे पहले इन हमलों के कारण केन्द्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री आरआर पाटिल नैतिकता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से इस सिलसिले में चर्चा के एक अन्य दौर के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने देशमुख के इस्तीफे के प्रस्ताव को मंजूर करने की घोषणा की। पार्टी के केन्द्रीय पर्यवेक्षक गुरुवार को मुंबई जाएँगे और उसके बाद नए नेता का चुनाव होगा।

नए नेता के लिए केन्द्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे और पृथ्वीराज चव्हाण के अलावा राज्य के मंत्री नारायण राणे और अशोक चव्हाण का नाम चर्चा में है। हालाँकि पार्टी का एक वर्ग महसूस करता है कि पूर्व मंत्री गोविंद राव आदिक को नेता बनाया जाना चाहिए।

यह दूसरा अवसर है जब मुख्यमंत्री के रूप में देशमुख का कार्यकाल पूरा नहीं हो सका है। इससे पहले उन्हें जनवरी 2003 में कामकाज के तरीके की आलोचना के बाद अपना पद छोड़ना पड़ा था और सुशील कुमार शिंदे मुख्यमंत्री बने थे।

कांग्रेस ने अक्टूबर 2004 का विधानसभा चुनाव हालाँकि शिंदे के नेतृत्व में लड़ा था, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से देशमुख मुख्यमंत्री बन गए थे। वसंतराव नाइक के बाद वे सबसे अधिक अवधि तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे हैं।

देशमुख ने अपना इस्तीफा आलाकमान की इस घोषणा के बाद दिया कि मुंबई के आतंकी हमलों में जवाबदेही का सिद्धांत लागू होगा और मुख्यमंत्री उससे अलग नहीं हैं।

देशमुख ने पार्टी कार्यसमिति की शनिवार को हुई बैठक में ही अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी थी और कल रात उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी से भेंट कर पुन: इसकी पेशकश की थी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार देशमुख का उत्तराधिकारी तय करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि वह न सिर्फ अच्छा प्रशासक हो बल्कि कुछ महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी की नैया भी पार लगाए।

भुजबल बन सकते हैं उपमुख्यमंत्री : दूसरी ओर द्वारा वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल को आरआर पाटिल के उत्तराधिकारी के तौर पर उपमुख्यमंत्री बनाने का समर्थन करने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार राकांपा प्रमुख शरद पवार भुजबल के पक्ष में हैं। उल्लेखनीय है कि आरआर पाटिल ने मुंबई में आतंकी हमलों के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
संबंधित जानकारी खोजें
और भी
राष्ट्रपति भवन और इंडिया गेट भी निशाने पर
उड़ीसा का मंत्री सेक्स स्केंडल में शामिल!
बर्बरता की हदें लाँघ दी थी आतंकियों ने
पुलिस में नहीं जाना चाहता शहीद का बेटा
डेरा प्रमुख से पुलिस की पूछताछ
सो गया तो मर गया...!