महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री छगन भुजबल और शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे यहाँ एक समारोह पर एक ही मंच पर जरूर आए, लेकिन उन्होंने राजनीति पर बात करना पसंद नहीं किया।
पूर्व शिवसैनिक भुजबल और उद्धव यहाँ बीती रात सामाजिक सुधारक प्रबोधंकर ठाकरे की स्मृति में पुरस्कार प्रदान करने के लिए आयोजित एक समारोह में हिस्सा ले रहे थे।
बड़ी संख्या में लोग दोनों नेताओं को साथ देखने और कुछ रोचक बातें सुनने के लिए जमा हुए थे, लेकिन उन्हें उस वक्त निराशा हाथ लगी जब दोनों में से किसी ने भी राजनीति का जिक्र तक नहीं किया और एक मंच पर साथ आने की घटना को तूल देने से बचने का पुरजोर प्रयास किया।
संवाददाताओं से बात करते हुए भुजबल ने मालेगाँव धमाके के संबंध में गिरफ्तार किए गए साध्वी प्रज्ञासिंह ठाकुर समेत तमाम भगवा कार्यकर्ताओं की महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा जाँच पड़ताल का यह कहते हुए बचाव किया कि छानबीन से सच को सामने आने दीजिए।
भुजबल ने कहा कि साध्वी का मामला उठाकर किसी भी पार्टी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों को पुलिस (एटीएस) को अपना काम स्वतंत्र रूप से करने देना चाहिए। |