उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में सोमवार को नमाज स्थल में हुई तोड़फोड़ के बाद पैदा हुए तनाव से उग्र हुई भीड़ को तितर-वितर करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज के साथ फायरिंग करना पड़ी। दो समुदाय के बीच हुए संघर्ष में पाँच लोग घायल हो गए।
सहारनपुर के पुलिस उपमहानिरीक्षक आनन्द कुमार ने बताया कोतवाली देहात क्षेत्र के मेहरबानी गाँव में अलीहसन ने अपने घर में नमाज स्थल बना रखा था। इसे लेकर 1995 में भी तनाव हुआ था। उस समय दोनों समुदायों में हुए समझौते के अनुसार उक्त नमाज स्थल का उपयोग केवल अली हसन और उसके परिवार के द्वारा ही होना था। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने बताया अलीहसन ने रविवार को कुछ अन्य लोगों को भी नमाज अता करने के लिए बुला लिया था और नमाजस्थल पर कुछ नया निर्माण भी करा लिया था।
कुमार के अनुसार करीब तीन हजार आबादी वाले गाँव के दूसरे समुदाय ने समझौते का उल्लंघन बताते हुए नमाजस्थल को तोड़ दिया। उसके ऊपर रखे छप्पर को भी उखाड़ दिया। खंभों को भी तोड़ दिया गया। उन्होंने बताया इसके तोड़े जाने की खबर गाँव से 20 किलोमीटर दूर बेहटा कस्बे में जब पहुँची तो वहाँ भी तनाव व्याप्त हो गया। बेहटा में भी तोड़फोड़ शुरू हो गई और पथराव किया गया, जिसमें कई लोग घायल हुए।
उन्होंने बताया बेहटा से मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग गाँव की ओर बढ़े और गाँव के बाहर स्थित कुछ घरों में जमकर तोड़फोड़ की। उपद्रवियों को काबू करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज के बाद हवाई फायर करना पड़ा।
आनन्द कुमार के अनुसार सहारनपुर की प्रसिद्ध शाकम्बरी देवी मंदिर से ज्योति यात्राएँ निकलती हैं, इसलिए यह क्षेत्र काफी संवेदनशील हो गया है। हाल ही में इन्हीं यात्राओं के दौरान साम्प्रदायिक तनाव पैदा हो गया था। |