मुंबई पुलिस ने दो इंजीनियरों सहित तीन लोगों को आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन की ओर से धमकी भरे ई-मेल भेजने के संबंध में गिरफ्तार कर इस आतंकवादी संगठन के मीडिया सेल के भंडाफोड़ का दावा किया है।
गौरतलब है कि 2005 के बाद से देश भर के विभिन्न स्थानों पर हुए विस्फोटों के पीछे इसी आतंकवादी संगठन का हाथ है। इंडियन मुजाहिदीन के मीडिया सेल के सदस्यों को पुणे से गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों में मोहम्मद मंसूर असगर पीरभाई (31), मोबिन कादिर शेख (24) और बशरुद्दीन शेख (22) शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि पीरभाई एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में प्रमुख साफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम कर रहा था। मोबिन एक सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी में वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के तौर पर कार्यरत था, जबकि आसिफ मैकेनिकल इंजीनियर था।
पुलिस ने कहा कि धमकी भरे ई-मेल 26 जुलाई को अहमदाबाद और 13 सितंबर को दिल्ली में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों से पहले क्रमश: नवी मुंबई और मुंबई से अनसिक्योर्ड वायरलैस इंटरनेट कनेक्शन से भेजा गया था। एक अन्य ई-मेल को मध्य मुंबई के एक कॉलेज से वायरलैस इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से भेजा गया था।
पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) राकेश मारिया ने कहा कि अहमदाबाद विस्फोटों से पहले वे शहर में वायरलैस इंटरनेट कनेक्शन की खोज में आए और नवी मुंबई के सनपदा, चेंबूर, सायन और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस गए।
उन्होंने कहा कि 26 जुलाई को तीनों सुबह नौ बजे पुणे से रवाना हुए और सनपदा गए, जहाँ से उन्होंने निर्देश के अनुसार विस्फोटों से कुछ ही समय पहले अमेरिकी नागरिक कैनेथ हेवुड के अनसिक्योर्ड इंटरनेट कनेक्शन के जरिये शाम छह बजकर 40 मिनट पर धमकी भरा ई-मेल भेजा। मारिया ने कहा वे उसी कार में बैठे थे, जिसमें वे यहाँ आए थे और ई-मेल भेजने के बाद चले गए।
गफूर के अनुसार गिरफ्तार किए गए युवक उच्चशिक्षा प्राप्त हैं और बम विस्फोटों में शामिल होने के अलावा ये इंडियन मुजाहिदीन की मीडिया विंग का हिस्सा थे। इसका काम धमाकों से पहले या तुरंत बाद ई-मेल भेजकर पुलिस एवं मीडिया को चेतावनी देना था। गुजरात के अहमदाबाद के 26 जुलाई के धमाकों के बाद जहाँ मुंबई से सटे नवी मुंबई में बसे एक अमेरिकी नागरिक के वाईफाई कनेक्शन का दुरुपयोग करते हुए ई-मेल भेजा गया था, वहीं बाद में मुंबई के पूर्वी उपनगर माटुंगा के खालसा कालेज एवं चेंबूर इलाके से भी ई-मेल भेजे गए हैं।
पुणे में गिरफ्तार किए गए लोगों की शिनाख्त मोहम्मद अकबर, इस्माइल चौधरी (26), अनीस शकील सैयद (27), माजिद अत्तर शेख (26), फारुख शम्सुद्दीन तारसकर (25) सभी कोंडवा इलाके के निवासी और कस्बा पेठ इलाके के निवासी यासीर अनीस सैयद के रूप में की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गिरफ्तारी हाल में मुंबई में गिरफ्तार इंडियन मुजाहिदीन के सदस्यों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर की गई है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की सात टीमें देशभर में भेजी गई थीं, जिनमें पुणे और मंगलुरु शहर शामिल थे।
यासीर, अनीस और अकबर मोबाइल रिपेयरिंग इंजीनियर हैं और माजिद ग्राफिक डिजाइनर तो फारुख एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में कार्य करता है। गिरफ्तारियों से कोंडवा में तनाव फैल गया और कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद वहाँ सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। |