पहली बार गुजरात सरकार ने 377 मछुआरों व 369 नाव को छुड़ाने के लिए आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान भेजने का निर्णय किया है। मत्स्य विभाग के अधीक्षक एमके चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल 15 दिन के वीजा पर 12 अक्टूबर को मुंबई से कराची रवाना होगा।
चौधरी ने सोमवार को बताया पहली बार गुजरात से कोई आधिकारिक प्रतिनिधि मंडल पाकिस्तान के विभिन्न जेलों में बंद भारतीय मछुआरों को छुड़ाने के लिए बातचीत करेगा और साथ ही 56 करोड़ रुपए मूल्य की नावों को भी लौटाने के संबंध में बातचीत होगी।
पाकिस्तान सरकार द्वारा हाल ही नावों की नीलामी करने की योजना के बाद कई स्थानीय मछुआरा संघ के लोगों के आग्रह के बाद प्रतिनिधि मंडल को पाकिस्तान भेजने का निर्णय लिया गया।
चौधरी ने कहा पाकिस्तान सरकार अभी तक जेल में बंद मछुआरों के छोड़ने के बाद उनकी नाव भी वापस करते थे। हालाँकि पाकिस्तान सरकार ने 2005 से अब तक 1650 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है, लेकिन उनकी नावों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जबकि इस संबंध में कई बार पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया जा चुका है।
उन्होंने कहा पिछले 15 अगस्त को पाकिस्तान ने 34 भारतीय मछुआरों को छोड़ा था, लेकिन अभी और 377 मछुआरे जो कि अधिकतर गुजरात के हैं, पिछले डेढ़-दो वर्ष से पाकिस्तान के जेलों में बंद हैं। भारत के अधिकतर मछुआरे गुजरात के समीप समुद्र में मछली मारते समय पाकिस्तान के समुद्री रक्षकों द्वारा गिरफ्तार किए गए। |