नोएडा के बहुचर्चित आरुषि मामले में 90 दिनों के अंदर आरोप-पत्र दायर करने में विफल रहने पर आलोचना का सामना कर रहे सीबीआई ने मामले की नए सिरे से जाँच के लिए तीन सदस्यीय एक कोर समिति गठित की है। सीबीआई के निर्धारित समय में आरोप-पत्र दायर करने में नाकाम रहने पर मामले में तीन आरोपियों को रिहा कर दिया गया।
एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि तीन सदस्यीय दल शुरुआत से ही जाँच करेगा। इसके साथ ही वह आरुषि और उसके घरेलू नौकर हेमराज की हत्या के आरोपियों से पूछताछ करेगी। एजेंसी ने मामले की जाँच का जिम्मा 31 मई को संभाला था। पूर्व निदेशक विजय शंकर के मामले को सुलझाने के दावे के बावजूद जाँच पूरी नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार तीन सदस्यीय टीम सभी प्रमाणों को एक साथ करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि पहले की जाँच में कुछ छूट तो नहीं गया था।
|