राष्ट्रीय राजधानी में सिलसिलेवार बम धमाकों में मारे गए सुब्रत मंडल की माँ को इस बात का तनिक भी आभास नहीं था कि उनके बेटे ने अपनी माँ के लिए जो मोबाइल फोन खरीदने की इच्छा जताई, वह कभी पूरी नहीं हो पाएगी।
श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट से कुछ ही घंटे पहले सुब्रत ने अपने भाई समर मंडल से कहा था कि वह आज शाम अपनी माँ के लिए मोबाइल फोन खरीदने जा रहा है।
सुब्रत की माँ श्यामली मंडल पश्चिम बंगाल में हावड़ा जिले के दोमजुर में रहती हैं। जब यह पता चला कि विस्फोट में मारे गए 21 लोगों में उनका बेटा भी शामिल हैं, वह आज सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
समर मंडल ने कहा कि वह पिछले आठ साल से दिल्ली में रह रहा था और कनाट प्लेस स्थित एक आभूषण की दुकान में काम कर रहा था। मैंने उससे कल दोपहर में बात की। उसने मुझे बताया कि वह माँ के लिए मोबाइल फोन खरीदने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब हमें विस्फोट के बारे में खबर मिली हमने पागलों की तरह उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो पाया। हमारे बड़े भाई संजय मंडल ने हमसे बात की। उन्होंने कहा कि वह भी उससे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
समर ने कहा कि चाँदनी चौक में आभूषण की दुकान चलाने वाले संजय रात भर उसे तलाशते रहे। अंतत: दिल्ली पुलिस ने आज सुबह उसके मरने के बारे में सूचना दी।
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