नगर के डीएवी कॉलेज मैदान पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे गोरखपुर के भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ के काफिले पर रविवार को तकिया मोहल्ले में एक संप्रदाय विशेष के लोगों ने पथराव और गोलियाँ चलाईं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए। घटना के बाद से शहर में व्याप्त तनाव को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त करते हुए तीन दिनों के लिये स्कूल कॉलेज बंद कर दिए हैं।
जिलाधिकारी मयूर माहेश्वरी ने बताया है कि आदित्यनाथ के काफिले पर हुए पथराव के बाद हमलावरों और योगी के समर्थकों मे हुए संघर्ष मे असामाजिक तत्वों की गोली से एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य घायल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध मे 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है तथा नगर क्षेत्र में तनाव को देखते हुए एहतियातन धारा 144 लागू कर दी गई है और पुलिस महानिरीक्षक प्रवीणसिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
महेश्वरी ने बताया कि उपद्रव की शुरुआत दोपहर बाद उस समय हुई जब योगी आदित्यनाथ की गाड़ियों का काफिला शहर से गुजर रहा था।
आजमगढ़ के जिला अधिकारी ने बताया कि मौके पर पहुँची पुलिस को स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए हलका लाठीचार्ज भी करना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले भी दागने पड़े और हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी।
माहेश्वरी ने बताया कि योगी आदित्यनाथ को किसी प्रकार की क्षति नही हुई है और वे निर्धारित जनसभा को संबोधित करने के बाद सुरक्षित गोरखपुर लौट गए हैं।
उन्होंने स्थिति को तनावपूर्ण मगर नियंत्रण में होने का दावा करते हुए बताया कि शहर में बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं तथा एहतियातन तीन दिन के लिए स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
इस बीच भाजपा सांसद पर हमले के विरोध मे पूर्वांचल के गोरखपुर, मऊ एवं अन्य नगरों में विरोध प्रदर्शनों की सूचनाएँ मिली हैं और विश्व हिन्दू परिषद ने सोमवार को पूर्वांचल बंद का आह्वान किया है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी गई है। योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में भी घटना के विरोध मे दुकान और बाजार बंद रहने की खबर मिली है, जबकि आजमगढ़ से लगे मऊ जनपद से मिली खबरों मे बताया गया है कि वहाँ जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने योगी पर हुए हमले के विरोध मे प्रदर्शन किया और भाजपा नेताओं ने उन पर हुए हमले को बसपा सरकार की तुष्टिकरण की नीति का परिणाम बताते हुए कल विहिप के पूर्वांचल बंद में शामिल होने की घोषणा की है।
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