भाजपा संसद और इसके बाहर परमाणु करार का विरोध जारी रखेगी। पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने रविवार को यहाँ कहा भाजपा करार के विरोध में देशभर में आन्दोलन शुरू कर और इस समझौते के खिलाफ प्रदर्शन और जनजागरण कर देशवासियों को हकीकत से रूबरू कराएगी। उन्होंने कहा इस करार से देश एक बार फिर साठ साल की आजादी के बाद गुलामी की ओर बढ़ गया है।
उन्होंने कहा राष्ट्रप्रेमी इस समझौते से खुश नहीं है। इस करार से अमेरिका की दासता का आरंभ हो गई है। पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गाँधी और पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के शासनकाल में जो उपलब्धियाँ हासिल की गई थीं, यह कर उन उपलब्धियों को समाप्त करता है। इस करार ने भारत की सार्वभौमिकता को समाप्त किया है।
उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा भाजपा ने ही, बल्कि संप्रग के साथ रहे वामदलों ने भी इसके दुष्परिणाम देख कर इसका विरोध किया था। प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने इस करार को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर देश की प्रतिष्ठा से जोड़ दिया था। राजग सत्ता मे लौटती है तो इस करार की पुनर्समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि इस साल छह राज्यों के होने वाले चुनाव में भाजपा मणिपुर को छोड़कर अन्य राज्यों में सत्ता में लौटेगी, जबकि दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस से सत्ता छिनेगी।
जयपुर में आयोजित एक व्याख्यान माला में सुषमा ने कहा कि भाजपा परमाणु करार, महँगाई, राम सेतु और आतंकवाद पर संप्रग का नरम रवैए के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। परमाणु करार आने वाले समय में बड़ा मुद्दा बनने वाला है।
उन्होंने कहा भाजपा चुनाव की घोषणा के साथ ही विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर देगी। कांग्रेस में आपसी खींचतान होने के कारण नामों की घोषणा को लेकर भाजपा आगे रहेगी।
उन्होंने कहा परमाणु करार के बाद लोकसभा समय से पूर्व होने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में यदि लोकसभा चुनाव समय से पहले या समय पर होते हैं तो भाजपा इसके लिए तैयार है।
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