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कंधमाल में गोली मारने का आदेश
राज्य सरकार के कदमों से केन्द्र नाखुश
उड़ीसा के कर्फ्यूग्रस्त कंधमाल जिले में जारी हिंसा को रोकने के लिए प्रशासन ने बुधवार को उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए। इस बीच दंगा को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर केंद्र ने नाखुशी जताई।

दक्षिणी संभाग के राजस्व संभागीय आयुक्त सत्यव्रत साहू ने फोन पर कहा हमने कर्फ्यूग्रस्त कंधमाल जिले में कुछ स्थानों पर बड़े पैमाने पर हिंसा और दंगा-फसाद के मद्देनजर देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देखते ही गोली मारने के आदेश फूलबनी, बालीगुडा, तुमुदीबंद, रैकिया, नौगाँव, उदयगिरि, टीकाबाली और शंकराखोल में जारी किए गए हैं।

प्रशासन ने यह आदेश तब जारी किया जब लाठी-डंडों और देसी हथियारों से लैस उपद्रवी भीड़ कर्फ्यू के आदेश का उल्लंघन करते हुए बालीगुडा और उदयगिरि में अनेक स्थानों पर हिंसा और आगजनी पर उतारू हो गई।

कंधमाल जिले में स्थिति पर नजर रखने के लिए मौजूद साहू ने कहा कि रैकिया जिले में भी व्यापक हिंसा की घटनाएँ हुईं, जहाँ भीड़ के हमले के बाद दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

राज्य के दौरे पर आए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि अगर उन्होंने कारगर कदम उठाए होते तो हालात पर नियंत्रण किया जा सकता था। अब तक हालात नियंत्रण से बाहर है। यह हमारे लिए चिंता का विषय है।

जायसवाल ने राज्यपाल एमसी भंडारी, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हालात पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सामान्य हालात बहाल करने में उड़ीसा की मदद के लिए केंद्र की ओर से विमान के साथ अतिरिक्त बल भेजे जाएँगे। उन्होंने हालाँकि कंधमाल का दौरा नहीं किया।

गौरतलब है कि विहिप नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और चार अन्य की शनिवार रात को हत्या के बाद कंधमाल में हिंसा शुरू हुई और इसकी लपटें कई अन्य जिलों में भी फैल गई। अपुष्ट सूचना के अनुसार सरस्वती की हत्या के बाद से हुई हिंसा में अब तक 14 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि आधिकारिक तौर पर नौ लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। एक अन्य अपुष्ट जानकारी के मुताबिक मृतक संख्‍या 17 बताई गई है।

गठबंधन में दरार : पिछले आठ वर्षों से स्थिर बीजद नीत गठबंधन सरकार को आज उस वक्त झटका लगा जब सरस्वती की हत्या से नाराज कुछ मंत्रियों समेत भाजपा के कुछ विधायकों ने राय व्यक्त की कि पार्टी को सरकार से हट जाना चाहिए। भाजपा के एक विधायक वृंदावन माँझी ने दावा किया कि उन्होंने अपना समर्थन वापस लेने के लिए विधानसभा अध्यक्ष किशोर मोहंती को पत्र सौंपा था।

उड़ीसा विधानसभा में भी इस मामले को लेकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सत्तारूढ़ बीजद-भाजपा गठबंधन पर आरोप लगाया कि वह कंधमाल में हालात को काबू करने में विफल रहा है। कांग्रेस ने सरकार से इस्तीफे की माँग करते हुए राज्यपाल से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने को कहा है।

सू़त्रों ने बताया कि हिंसा से डरकर बड़ी तादाद में लोग रैकिया, रूपगाँव, चकापाड़ा, टीकाबली और तुमुदीबंद से मकान छोड़कर चले गए हैं और उन्होंने जंगल में शरण ले रखी है।
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