जम्मू। केन्द्र सरकार और रक्षा मंत्रालय के कश्मीर में आर्थिक नाकेबंदी न होने के दावे का खंडन करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार की गलत बयानी से कश्मीरी लोग मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करने को मजबूर हुए हैं।
नेशनल काफ्रेंस के संरक्षक डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि वहाँ नाकेबंदी है। उन्होंने कहा कि नाकेबंदी ने कश्मीरियों को मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करने को मजबूर किया है, क्योंकि वहाँ कोई मार्ग खुला नहीं है।
यदि चीन की सीमा घाटी को जोड़ती होती तो वे .कश्मीरी. व्यापार के लिए चीन की ओर भी रूख करते।
डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि यदि वहाँ आर्थिक प्रतिबंध न होता तो राजमार्ग पर सेना की तैनाती क्या मनोरंजन के लिए की गई है। सेना के जवान सीमाओं की रक्षा के लिए तैनात होते हैं न कि राजमार्गों पर।
उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर एक पृथक राज्य नहीं हैं और मेरा मानना है कि भाईचारा, अखंडता और साम्प्रदायिक सौहार्द से अमरनाथ मसले का हल होगा।
उन्होंने कहा कि वार्ता और लचीचे रूख से कई समस्याओं का समाधान हुआ है और मुझे आशा है कि संघर्ष समिति और राज्यपाल के बीच बातचीत नतीजाजनक होगी। हालाँकि उन्होंने अपनी पार्टी की माँग को दोहराते कहा कि स्वायत्ता ही समाधान है।
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