बीती रात भड़की हिंसा के बाद जम्मू में बुध वार को दोबारा कर्फ्यू लगाया गया और सेना तैनात की गई। हिंसा की ताजा घटनाओं में नौ पुलिसकर्मियों समेत 40 लोग घायल हुए थे। बहरहाल सांबा, उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में अलग-अलग समय कर्फ्यू में ढील दी गई।
पुलिस ने बताया कि जम्मू के विभिन्न हिस्सों में हिंसा भड़क उठी और भीड़ ने पुलिस और त्वरित कार्यबल के जवानों पर पथराव किया।
भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस और त्वरित कार्यबल को लाठीचार्ज करना पड़ा और आँसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस ने रबर की गोलियाँ भी चलाईं।
इस बीच 'जेल भरो आंदोलन' आज अपने तीसरे और अंतिम दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन का आह्वान श्री अमरनाथ संघर्ष समिति ने किया है। कर्फ्यू का उल्लंघन करने और गिरफ्तारी देने से रोकने के लिए पुलिस ने जगह जगह तारों की बाड़ लगाई है। पुलिस ने बताया कि सांबा में सुबह पाँच बजे से नौ घंटे के लिए उधमपुर में सुबह पाँच बजे से पाँच घंटे के लिए और किश्तवाड़ में सुबह सात बजे से पाँच घंटे के लिए कर्फ्यू में छूट दी है। पुलिस ने कहा कि पिछले 24 घंटे से कश्मीर घाटी में जरूरी वस्तुओं और फलों को लाने ले जाने के लिए 1200 से अधिक वाहन काम में लगे हुए हैं।
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