अहमदाबाद में 26 जुलाई को हुए श्रंखलाबद्व बम विस्फोटों की जाँच कर रही पुलिस ने सिमी नेता सफदर नागौरी को मध्यप्रदेश पुलिस से हिरासत में माँगने का फैसला किया है। उसे पूछताछ के लिए उसे यहाँ भी लाया जा सकता है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) आशीष भाटिया ने बताया नागौरी अपने भाई करीमुद्दीन के साथ गुजरात में हलोल (जनवरी 2008) तथा केरल में (दिसम्बर 2007) को आयोजित प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रमुख प्रशिक्षक था।
भाटिया ने बताया वे अहमदाबाद में हुए आतंकवादी हमलों की योजना बनाने वाले और प्रमुख साजिशकर्ता भी थे। वे जयपुर और हैदराबाद में हुए विस्फोटों में भी लिप्त हो सकते हैं।
नागौरी और उसके सहयोगी को मार्च में मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा हमारा ध्यान अभी उन लोगों की पूछताछ पर केंद्रित है, जिन्हें हमने गिरफ्तार किया। बाद में अगली जाँच के लिए नागौरी को लाएँगे। हमारा मानना है कि वह अहमदाबाद में बम रखने में शामिल था।
विस्फोटक एवं अन्य सामग्री खरीदने के लिए हो सकता है उसने धन की व्यवस्था भी की हो। अधिकारियों के अनुसार नागौरी एक दक्ष प्रशिक्षक है, जो अपने भडकाऊ भाषण से युवाओं को प्रभावित कर सकता था। उसका अन्य विस्फोटों से भी संबंध हो सकता है।
भाटिया ने बताया सन 2001 में केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बाद सिमी के उदारवादी और कट्टरपंथी नेताओं के बीच वस्तुतः विभाजन हो गया था।
नागौरी कट्टरपंथियों में से एक था। उसने मिजुबुल इस्लाम से अलग हुए धड़े पर नियंत्रण की कोशिश की। बाद में 2005 से सिमी की विध्वंसक गतिविधियाँ शुरू हो गईं।
धरपकड़ अभियान के दौरान सिमी के कुछ सक्रिय कार्यकर्ता भागने में सफल रहे। उनमें वडोदरा का कयामुद्दीन तथा उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ के मुफ्ती अबू बशीर शामिल हैं। दोनों बाद में सम्पर्क साधने अहमदाबाद और वडोदरा आए।
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