समंदर के किनारे पूजा-अर्चना करते लोग...। रंग-बिरंगे और आकर्षक वेश-भूषा में सजी महिलाएँ और बच्चे और चारों तरफ गूँजता जयघोष...। यह नजारा था शहर के तटवर्ती इलाकों का। कोली समाज ने सोमवार को यहाँ पारंपरिक तरीके से अपना त्योहार मनाया। यहाँ कोली समाज (मछवारे) में समंदर को देवता का दर्जा हासिल है। उन्हें (समंदर को) राजा के रूप में जाना जाता है। समाज के लोग हर साल श्रावण माह की पूर्णिमा के बाद आने वाले सोमवार को समंदर की पूजा- अर्चना करते हैं। इस दौरान वे अपने देवता को सोने का नारियल चढ़ाते हैं।
मान्यता है कि ऐसा करने से समंदर देवता खुश होते हैं और मछवारों को व्यापार-व्यवसाय में समृद्धि और सुख-शांति का आशीर्वाद देते हैं।
सोमवार को भी मछवारों ने बड़े पैमाने पर त्योहार का आयोजन किया। इस दौरान शहरभर के कई परिवार मौजूद थे। पूजा-अर्चना के बाद समंदर को 20 से अधिक नारियल चढ़ाए गए।
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