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विधानसभा में गूँजा नोएडा का गोलीकांड
गोलीकांड नहीं कोल्ड ब्लडेड मर्डर-प्रमोद तिवारी
गत 13 अगस्त को ग्रेटर नोएडा में मुआवजे की माँग कर रहे किसानों पर पुलिस फायरिंग के विरोध में सोमवार को विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। इसके चलते न तो प्रश्न प्रहर हो सका और न ही विधानसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से चली।

नेता प्रतिपक्ष मुलायमसिंह यादव ने कहा कि निर्दोष किसानों पर गोली चलाकर और मुआवजा माँगने वालों को जेल में डालने से किसान आन्दोलन नहीं रुकेगा। यदि सरकार मनमानी करती रही तो वे सपा कार्यकर्ताओं को भी मनमानी करने के लिए निर्देश दे देंगे। फिर कितनों पर गोली चलाएगी सरकार।

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रमोद तिवारी ने कहा नोएडा में गोलीकांड नहीं कोल्ड ब्लडेड मर्डर किया गया है। उन्होंने माँग की कि फायरिंग के लिए जिम्मेदार लोगों पर 302 का मुकदमा चलाया जाए और सरकार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

यादव ने इस मामले को नियम 311 के तहत उठाकर इस पर कार्यवाही स्थगित कर चर्चा कराने की माँग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर ने इसकी अनुमति नहीं दी। वे मामले को नियम 56 के तहत उठाने को कह रहे थे।

अध्यक्ष द्वारा नियम 311 के तहत जब मामला उठाने की अनुमति न मिली तो कांग्रेस के सदस्य हाथों में बैनर लेकर सदन की पीठ के सामने आ गए और बैनर दिखाने लगे। उन पर लिखा था-नोएडा और बादलपुर में किसानों की हत्यारी सरकार इस्तीफा दे।'

मुलायम के बोलने पर सत्तापक्ष ने खूब शोर मचाया। इसी बीच सपा-कांग्रेस और भाजपा के सदस्य वेल में आकर हंगामा करने लगे। सपा के कुछ सदस्य अध्यक्ष के आसन के सामने मेज पर चढ़कर सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की करने लगे।

पूरे सदन में तनाव व्याप्त हो गया। कुछ सदस्यों ने अध्यक्ष के आसन की तरफ कागज के गोले भी फेंके और सुरक्षाकर्मियों की टोपियाँ हवा में लहराईं। अध्यक्ष द्वारा अनुमति न मिलने पर सदन की कार्यवाही शोरशराबे के दौरान चलती रही और सरकार ने अपना एजेंडा पूरा किया।
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