माकपा ने कहा है कि परमाणु करार मुद्दे पर मतभेद होने के बावजूद वह तमिलनाडु में द्रमुक से अपने संबंध जारी रखेगा।
माकपा ने कहा कि तमिलनाडु में द्रमुक से अलग होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कि केंद्र की संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद माकपा तमिलनाडु में करुणानिधि सरकार से भी किनारा कर सकती है।
माकपा के राज्य सचिव एन वर्धराजन ने कहा कि तमिलनाडु में माकपा द्रमुक गठबंधन सरकार का हिस्सा है और पार्टी सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखेगी। हालाँकि उन्होंने कहा कि पार्टी की राज्य परिषद की बैठक 6 और 7 अगस्त को होगी, जिसमें राज्य इकाई की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वामदल द्रमुक सरकार का पिछले दो वर्षों से समर्थन कर रहे हैं। सरकार के जनहित में किए गए कार्यों की हमने तारीफ की है और दूसरी ओर आम आदमी को प्रभावित करने वाले निर्णयों का विरोध भी किया है।
उल्लेखनीय है कि गत सप्ताह दिल्ली आए करुणानिधि ने कहा था कि राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव से माकपा और द्रमुक के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। माकपा राज्य ईकाई का यह बयान इस लिहाज से काफी महत्व रखता है।
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