भारत और रूस के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समिति ने रूसी परमाणु संयंत्रों की दो इकाइयों की प्रगति पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। रूसी परमाणु संयंत्र निर्माण के अग्रिम चरण में हैं।
रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इवान कामेन्सकिह तथा भारतीय पक्ष का नेतृत्व भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने किया।
सूत्रों ने बताया कि पहले समझा जा रहा था कि रूसी प्रतिनिधिमंडल 30 जुलाई को भारत पहुँचेगा। हालाँकि कुछ घरेलू कारणों के चलते कार्यक्रम में बदलाव किया गया।
दो दिन की भारत यात्रा पर आए सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में एटमस्ट्राय एक्सपोर्ट्स के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं जो परमाणु कारोबार से जुड़ी हुई है।
रूस ने पिछले साल कुंडनकुलम में एक एक हजार मेगावाट की क्षमता वाले आठ और रिएक्टरों की स्थापना के लिए भारत के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन भारत के 45 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह से छूट तथा अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से मंजूरी नहीं हासिल कर पाने के कारण वह इस पर आगे नहीं बढ़ पाया था।
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