तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने कहा है कि परमाणु करार पर संप्रग सरकार से वामपंथियों के समर्थन वापस लेने और संसद में विश्वासमत के दौरान उसके खिलाफ वोट करने के बावजूद वामदलों के साथ द्रमुक के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
करुणानिधि ने कहा कि भाकपा और माकपा पहले की तरह ही राज्य की डेमोक्रेटिक प्रोगेसिव एलायंस (डीपीए) सरकार का समर्थन करती रहेगी। उन्होंने कहा कि कोई जरूरी नहीं कि किसी दल का जो रुख केंद्र में हो, वही रुख राज्य में भी हो और राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह है।
हालाँकि जब उनसे पूछा गया कि विश्वासमत के दौरान सरकार गिराने में विफल रहने पर परमाणु करार तथा महँगाई को लेकर संप्रग के खिलाफ जनांदोलन छेड़ने जा रहे वामदलों का क्या द्रमुक समर्थन करेगी तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में पार्टी की उच्चाधिकार प्राप्त समिति निर्णय लेगी। उन्होंने सोमनाथ चटर्जी के लोकसभाध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं देने के फैसले का भी समर्थन किया1
सेतु समुद्रम परियोजना विवाद में केंद्र सरकार द्वारा यह कहे जाने पर कि श्रीलंका से लौटने के बाद भगवान राम ने सेतु तोड़ दिया था, करुणानिधि ने कहा कि न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण वह इस मामले में कुछ नहीं कह सकते।
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