वार्षिक रथयात्रा उत्सव के दौरान यहाँ श्री जगन्नाथ मंदिर के बाहर मची भगदड़ में तीन महिलाओं सहित छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और करीब 50 लोग घायल हो गए।
यह घटना सिंह द्वार के सामने तब हुई, जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को पारंपरिक शोभायात्रा के साथ मंदिर के बाहर लाया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार जब पुजारी सुभद्रा की मूर्ति को बाहर ला रहे थे, तब रथ के पास खड़ी महिलाओं और बच्चों को पीछे से धक्का लगा और वह गिर पड़े।
पुरी के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी त्रिलोकन बराल ने कहा कि हमने अभी तक छह शव बरामद किए हैं। सभी मृतकों की आयु 40 से 50 वर्ष के बीच है। भगदड़ या फिर दम घुटने की वजह से इन लोगों की मौत हुई है। मृतक संख्या और भी बढ़ सकती है क्योंकि जिन तीन घायलों को कटक के एससीबी चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल में लाया गया है, उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। मृतकों की शिनाख्त होना अभी बाकी है।
रथयात्रा उत्सव में भाग लेने आए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना की प्रशासनिक जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व बोर्ड के एक सदस्य इस घटना की जाँच करेंगे।
उन्होंने कहा कि भगदड़ में मारे श्रद्धालुओं के परिजनों को सरकार एक लाख रुपए बतौर अनुग्रह राशि देगी। पटनायक ने उस अस्पताल का भी दौरा किया, जहाँ घायलों को भर्ती कराया गया है। उन्होंने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को तत्काल भुवनेश्वर या कटक के अस्पतालों में भेजा जाए। सरकार घायलों के इलाज का खर्च वहन करेगी।
भव्य सजावट, पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था : शंखनाद मंत्रोच्चार और भव्यता के साथ भगवान जगन्नाथ बलभद्र और सुभद्रा के रथ धूमधाम के साथ गुंडिचा मंदिर से नौ दिन की यात्रा पर मुख्य सड़क पर निकले। कड़े सुरक्षा के इंतजाम के बीच फूलों से सजे लकड़ी के रंगीन रथ जिन पर रंग-बिरंगी चित्रकारी की गई, को हजारों श्रद्धालु खींच रहे थे। पुरी के महाराजा दिव्यसिंह देवा ने सोने की झाडू से रथ मार्ग के आगे झाडू लगाकर परंपरा 'छेरा पनहारा' निभाई।
रथों के नाम नंदीघोष तालध्वजा और दर्पदलन हैं, जो सड़क पर आहिस्ता-आहिस्ता चलते हुए लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।
बारह जुलाई को बहुदा महोत्सव के दौरान भगवान की घर वापसी होगी। पुलिस ने बताया समुद्र तटीय शहर पुरी में रथयात्रा की गहमा-गहमी को देखते हुए ढाई हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
इसमें नक्सल निरोधी दस्ता बम निरोधक दस्ता खोजी कुत्ते और त्वरित कार्य बल शामिल हैं। उन्होंने बताया शहर के बाहरी इलाके और मुख्य केंद्रों सहित ग्रैंड रोड के साथ लगी इमारतों में निशानेबाज और क्विक रिएक्शन टीम को तैनात किया गया।
ग्रैंड रोड के साथ लगे मुख्य स्थानों पर क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए थे, जबकि पुलिस होटल और गेस्ट हाउस की नियमित रूप से तलाशी ले रही थी। जिला प्रशासन ने विभिन्न संगठनों की मदद से श्रद्धालु और स्वयंसेवकों की सहायता के लिए सूचना केंद्र स्थापित किए थे।
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