'जय रणछोड़ माखन चोर' के नारों के साथ हजारों भक्तों की भीड़ के साथ 131वीं वार्षिक जगन्नाथ यात्रा शुक्रवार सुबह यहाँ जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर से निकली।
यात्रा में सबसे आगे तीन रथ भगवान जगन्नाथ, बलराम और शुभद्रा के थे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूजा की और रथयात्रा रवाना हुई।
यात्रा में 16 सजे-धजे हाथी, 180 झांकियों के ट्रक, 30 अखाड़े, 16 भजन मंडलियाँ और तीन संगीतमय बैंड शामिल थे।
यात्रा के लिए 10 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात थे। इनमें पुलिस और अर्द्ध सैनिक बलों के जवान शामिल हैं। बंगाल में रथयात्रा निकाली गई
बंगाल में भी निकली रथयात्रा : केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दास मुंशी ने कोलकाता में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का शुभारंभ किया और पारंपरिक रूप से सोने की झाडू से रथमार्ग के आगे झाडू लगाई।
रथों को खींचने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु मध्य कोलकाता में चितरंजन एवेन्यु में एकत्र हुए। भगवान जगन्नाथ के साथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को मंदिर से बाहर लाया गया।
इस्कान के भक्त यहाँ से कुछ किलोमीटर दूर पार्क सर्कस तक यात्रा के दौरान कीर्तन गाते रहे, जहाँ रथ एक सप्ताह तक रूकेंगे।
उत्तरी कोलकाता में रामकृष्ण मठ और मिशन के उपाध्यक्ष स्वामी गीतानंद और अन्य संतों ने संगठन के रथ को खींचा। रथोत्सव का शुभारंभ 150 साल पहले श्री रामकृष्ण ने किया था।
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