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इंदौर में कर्फ्यू जारी, छह लोगों की मौत  Search similar articles
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इंदौर में बंद के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। शहर में दो गुटों के बीच रह- रहकर हिंसक झडपें होती रहीं। इनमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम सात लोग घायल हो गए। प्रशासन ने शहर में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। इसके साथ ही मरने वालों की संख्‍या बढ़कर छह हो गई है।

जिलाधिकारी राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि झड़पें शहर के अलग-अलग स्थानों में हुई। इस दौरान कहुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई। हालाँकि जिलाधिकारी ने साफ नहीं बताया कि इनकी मौत विरोधी गुट की गोली से हुई या पुलिस की गोली से। उन्होंने कहा कि शवों के पोस्टमार्टम के बाद ही इस बारे में स्थिति साफ हो सकेगी।

श्रीवास्तव ने कहा कि शहर से 45 दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया। बहरहाल, मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी में पिछले दो दिनों से जारी सांप्रदायिक हिंसा में मरने वालों का आँकड़ा छह पहुँच गया है। इनमें से चार लोगों की मौत तीन जुलाई को हुई थी। झड़पों में अब तक 25 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर के जिंसी, जूना रिसाला, चंपा बाग, बंबई बाजार और हाथीपाला सहित अन्य क्षेत्रों में हालात काबू करने के लिए तैनात किए गए पुलिस, त्वरित कार्रवाई बल (रेपिड एक्शन फोर्स) और विशेष सशस्त्र बल पर पथराव हुआ। इन क्षेत्रों में उपद्रवियों ने गोलियाँ भी चलाईं।

इससे पहले खजराना क्षेत्र में आज तब पथराव हुआ, जब कल बंद के दौरान सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए एक व्यक्ति के शव को अंतिम संस्कार के लिए खिजराबाद कालोनी से ले जाया जा रहा था। पथराव में त्वरित कार्रवाई बल के छह जवान घायल हो गए। पुलिस ने हवाई फायर और आँसू गैस के गोले छोड़ स्थिति को काबू में किया।

शहर में संवदेनशील थाना क्षेत्र खजराना, पंढरीनाथ, मल्हारगंज और छत्रीपुरा में कल से ही अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया था, लेकिन आज सुबह हुई ताजा हिंसा के बाद हालात बिगड़ते रहे। नतीजतन जिला प्रशासन ने शहर के सभी थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू घोषित कर दिया।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा बोर्ड को हस्तांतरित की गई वन भूमि वापस लेने के विरोध में विश्व हिन्दू परिषद और भाजपा ने देशभर में गुरुवार को बंद का आह्वान किया था।

विपक्ष की शह पर भड़की हिंसा : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि इंदौर में हिंसा कुछ राजनीतिक दलों की शह पर हुई है।

गुना में सहकारी बैंक के आयोजन में तोमर ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा श्री अमरनाथ यात्रा बोर्ड से जमीन वापस लेने के विरोध में गुरुवार को राज्य में हर जगह बंद शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इंदौर में विपक्ष के कुछ राजनीतिक दलों की शह पर समाज विरोधी तत्वों ने उपद्रव मचाते हुए एक थाने का घेराव किया। इसके चलते पुलिस प्रशासन को सख्ती करना पड़ी।

उन्होंने कहा असामाजिक तत्वों ने बंद का जानबूझकर विरोध किया, ताकि शहर में माहौल बिगाड़ा जा सके। उन्होंने कहा मध्यप्रदेश शांति का टापू है और यहाँ किसी को भी अशांति नहीं फैलानी दी जाएगी। राज्य सरकार सबके साथ एक समान व्यवहार तथा न्याय के लिए प्रतिबद्ध है।

तोमर ने केंद्र सरकार पर तुष्टिकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ हज यात्रियों को सुविधाएँ दी जा रही हैं, जबकि अमरनाथ की दुर्गम यात्रा करने वालों को सुविधा मिले, यह केंद्र सरकार को पसंद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर ही श्राइन बोर्ड को दी गई जमीन वापस ली गई।

माकपा ने की सेना बुलाने की माँग : इंदौर में सांप्रदायिक उपद्रवों को सरकार की शह और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगाते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने उपद्रवग्रस्त इलाकों को तत्काल सेना के हवाले करने की माँग की है।

माकपा राज्य सचिव बादल सरोज ने कहा सरकार की शह और प्रशासनिक संरक्षण में पूरे प्रदेश में कल से जारी हिंसा, लूटपाट एवं हत्याओं की घटनाओं से कानून के राज पर प्रश्नचिन्ह लग गया है, इसलिए इंदौर में तत्काल सेना बुलाना चाहिए।

उन्होंने राज्यपाल बलराम जाखड़ को लिखे एक पत्र में उपद्रवग्रस्त इलाकों में तुरंत सेना बुलाने तथा समूची स्थिति पर चर्चा के लिए अतिशीघ्र एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग की है।
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