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'नवदुनिया' जनमत का मंच बने  
भोपाल में 'नवदुनिया' का समारोहपूर्वक लोकार्पण
किसी भी समाचार-पत्र की विश्वसनीयता का पैमाना पाठकों का उसके प्रति भरोसा होता है न कि प्रसार संख्या। 'नईदुनिया' ने साठ सालों के इतिहास में जनमत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नवजात पत्र 'नवदुनिया' को यह परंपरा विरासत में मिली है। हमें भरोसा है कि नवदुनिया भी इसी परंपरा का वाहक बनेगा।

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यह विश्वास शुक्रवार को नवदुनिया के लोकार्पण समारोह में अतिथियों ने व्यक्त किया। गरिमामय आयोजन में वक्ताओं ने पत्रकारिता में नईदुनिया के अनूठे योगदान को गहराई से रेखांकित किया और नए समाचार-पत्र से इन्हीं मूल्यों को सहेजे रखने की अपेक्षा की। नवदुनिया को अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि राजनीति तोड़ती है, लेकिन पत्रकारिता जोड़ती है।

नईदुनिया ने पत्रकारिता के स्वस्थ मापदंड स्थापित करते हुए जनमानस की भावनाओं को हमेशा अभिव्यक्ति दी और जनमत तैयार किया। आपातकाल में संपादकीय कोरा छोड़कर इस अखबार ने निर्भीक पत्रकारिता का परिचय दिया था। अखबार का मौन शब्द से ज्यादा मुखर हुआ था।

कुछ नया रचना नईदुनिया की पहचान : विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने कहा कि परंपरा और मूल्यों के बीच प्रतिबद्धता के बीच कुछ नया रचने की लालसा नईदुनिया की पहचान रही है। नवदुनिया से भी अपेक्षा है कि वह समाज के हर वर्ग और पीढ़ी की आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम बने।

विचारों का नया आयाम : केद्रीय संचार राज्यमंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अतीत की परिपक्व समझ पर ही भविष्य की रूपरेखा तय होती है। नईदुनिया ने इसी विचार को नया आयाम प्रदान किया है। उम्मीद करें कि नवदुनिया भी अपने सामाजिक सरोकारों को अक्षुण्ण रखते हुए अपनी सार्थक भूमिका निभाएगा।

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मूल्यों में गिरावट से अछूता है नईदुनिया : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी ने कहा कि बदलते सयय में पत्रकारिता में भी गिरावट आई है, लेकिन नईदुनिया अभी भी अछूता है। उन्होंने बाकायदा आँकड़े पेश करते हुए कहा कि देश भर में 2130 दैनिक अखबार हैं, इनमें से 886 मप्र से प्रकाशित होते हैं। हिन्दी की पाठक संख्या 8 करोड़ 88 लाख है। पूरे देश में हिन्दी अखबारों का पाठक वर्ग 40 फीसदी और अँगरेजी अखबारों की पाठक संख्या मात्र 10 फीसदी है।

आधुनिक पत्रकारिता की जननी है नईदुनिया : नईदुनिया पत्र समूह के निदेशक श्री विनय छजलानी ने कहा कि भविष्य की तरफ कदम बढ़ाते समय इतिहास को समग्र रूप से समझना भी जरूरी है। नईदुनिया आधुनिक हिन्दी पत्रकारिता की जननी है। उन्होंने कहा कि सच को बिना किसी लाग-लपेट के पाठकों तक पहुँचाना और असत्य को तमाम दबावों के बावजूद स्थान न देना इसकी परंपरा रही है। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि नवदुनिया बेहतर भाषा और नई तकनीक के साथ एक मॉडर्न कंटेम्प्रररी अखबार के रूप में पाठकों से रूबरू होगा।

विश्वसनीयता बड़ी पूँजी : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर ने कहा कि विश्वसनीयता ही नईदुनिया की बड़ी पूँजी है। नवदुनिया होने पर भी न तो इसका वंश बदला है और न ही संस्कार। जब भी मूल्यों की अग्नि परीक्षा का समय आया नईदुनिया हमेशा कुंदन बनकर निखरा।

वंश और संस्कार वही : आरंभ में स्वागत भाषण देते हुए नईदुनिया पत्र समूह के प्रधान सम्पादक श्री अभय छजलानी ने नईदुनिया के नाम परिवर्तन का रोचक खुलासा करते हुए विश्वास दिलाया कि नईदुनिया का नाम भले नवदुनिया हो गया हो, लेकिन इसका वंश नही बदला है। इसका पत्रकारिता धर्म, संस्कार और आचरण अक्षुण्ण रहेगा। यह केवल समाज में पुराने को नया कर नए सिरे से प्रस्तुत करने का उपक्रम है।

हमने ओढ़ी हैं परंपराएँ : नईदुनिया के समूह संपादक उमेश त्रिवेदी ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि नईदुनिया ऐसा उत्तरदायी मिशन है, जिसने सार्थक सच्चरित्र मूल्यों को स्थापित किया है और हमने यह परंपरा खुद ओढ़ी है, वक्ताओं और पाठकों ने जो अपेक्षाएँ व्यक्त कीं, उसे हमेशा तहेदिल से स्वीकार किया। विभिन्न मुद्दों पर नईदुनिया आम सहमति का मंच बने, इसकी कोशिश हमेशा बनी रहेगी।

लोकार्पण समारोह में मंच पर नईदुनिया पत्र समूह के निदेशक महेन्द्र सेठिया, विनीत सेठिया भी उपस्थित थे। आयोजन में वाणिज्यिक कर मंत्री बाबूलाल गौर, गृह मंत्री हिम्मत कोठारी, उद्योग मंत्री जयंत मलैया, लोनिवि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राजस्व मंत्री कमल पटेल, स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई, सांसद कैलाश जोशी सहित कई निगम-मंडल अध्यक्ष, विधायक वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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