मध्यप्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र के खिलाफ प्रदेश के साथ लगाए जा रहे भेदभाव संबंधी आरोपों को सिरे से नकारते हुए केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि पिछले पाँच सालों में केन्द्रीय अनुदान की राशि में पाँच गुना वृद्धि की गई है, तब किसी प्रकार के भेदभाव का सवाल ही कहां उठता है। सिंधिया ने आज यहाँ प्रदेश कांगेस कार्यालय में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए भाजपा सरकार को सलाह दी कि उन्हें मात्र राजनीतिक तौर पर श्रेय लेने के स्थान पर राजनीति से ऊपर उठकर किसी भी सरकार के अच्छे कार्यों की प्रशंसा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बात पर पीड़ा होती है कि कोई प्रशंसा करने के स्थान पर झूठा श्रेय ले और असत्य आरोप भी लगाए। सिंधिया ने कहा कि वर्ष 2003-04 में जहाँ मध्यप्रदेश को मात्र 1500 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाता था, वहीं अब पाँच सालों में यह बढ़कर 7500 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। उन्होंने भाजपा द्वारा मध्यप्रदेश के साथ भेदभाव किए जाने संबंधी आरोपों पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार किस आधार पर भेदभाव किए जाने की बात कर रही है, जबकि केन्द्र द्वारा मध्यप्रदेश को राजनीति से ऊपर उठकर सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ही केन्द्र द्वारा दी गई राशि को सही ढंग से खर्च नहीं कर पाई।
सिंधिया ने बताया कि दो वर्ष पूर्व संप्रग सरकार द्वारा सूखे से निपटने के लिए दी गई राशि का दस प्रतिशत भी किसानों को नहीं बाँटा जा सका था।
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