भारत दुनिया का ऐसा देश है, जहाँ मधुमेह रोगियों की संख्या सर्वाधिक है। देश में तीन करोड़ से अधिक मधुमेह रोगी हैं।
अमेरिका की मेर्क एंड कं. (इंक) की सहायक एमएसडी फर्मास्युटिकल्स के एक अध्ययन में कहा गया है कि भारत को दुनिया में मधुमेह की राजधानी माना जाता है क्योंकि यहाँ इस बीमारी के मरीजों की सर्वाधिक संख्या है।
कंपनी ने टाइप 2 मधुमेह के लिए जनुविया साइटेग्लिप्टिन नामक एक इनहिबिटर पेश किया जो डाइपेप्टिडिल पेप्टीडेस-4 इनहिबिटर है। एमएसडी के प्रबंध निदेशक नवीन राव ने बताया कि साइटेग्लिप्टिन ने 1999 के बाद मुँह से खाने वाली पहली दवा पेश की है और यह करीब 70 देशों में उपलब्ध है। अब यह भारत में भी उपलब्ध है।
राव ने बताया कि मधुमेह का प्रसार तेजी से हो रहा है और इसके कम होने के आसार नहीं है। दुनिया भर में मौत का यह पाँचवा सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि मधुमेह के मरीजों को दिल, गुर्दे और आँखों के धीरे-धीरे लेकिन स्थायी क्षतिग्रस्त होने का खतरा होता है। यही वजह है कि इस बीमारी का सीधा संबंध मृत्यु से है।
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