मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > प्रादेशिक
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
दृष्टिहीन गायक का चौथा एलबम  
'सूरज की रोशनी का मेरे लिए तो कोई मायने नहीं लेकिन औरों को तो इसका लुत्फ उठाने दीजिए' का संदेश देते हुए दृष्टिहीन अरुणाचली गायक का चौथा एलबम जल्द ही बाजार में आएगा।

बुलंद हौसलों का जज्बा रखने वाले कुरुमकुमे जिले के 25 वर्षीय बामन डोरो की दो साल पहले ही पहली एलबम बाजार में आयथा, लेकिन इतने थोड़े से अंतराल में ही अब उनका चौथा एलबम आने वाला है।

उनके इस चौथे एलबम का नाम 'चालिंग दितो दोन्‍यी' है, जिसका मतलब है 'सूरज की रोशनी का मेरे लिए तो कोई मायने नहीं, लेकिन औरों को तो इसका लुत्फ उठाने दीजि‍ए है।'

उस समय वह तीन साल के थे, जब चेचक की वजह से उनकी आँखों की रोशनी चली गई और तब से लेकर अब तक वह दुनिया को नहीं देख पाए हैं।

इस मुसीबत के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और गायक बन गए। अपने संघर्ष के दिनों की याद करते हुए डोरो कहते हैं पहले उन्होंने शादियों और पार्टियों में गीत गाने की शुरुआत की।

उनके इस प्रयास की जब ग्रामीण सराहना करते तो उनके हौसले और भी बढ़ जाते है। प्रायोजक की तलाश और अपना करियर बनाने के उद्देश्य से 1998 में वह अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर आ गए लेकिन यहा भी दिक्कतें कम न थीं।

उन्होंने कहा कि मैंने अपने सामने एक लंबा संघर्ष देखा है यहाँ आदिवासियों के बड़े त्योहार 'न्योकुम' के दौरान उसकी प्रस्तुति ने लोगों के दिलों को जीत लिया और एक व्यक्ति उसे प्रायोजित करने के लिए सहमत हो गया।

2006 में उनका पहला एलबम जारी हुआ। डोरो का पहला एलबम जबर्दस्त हिट रहा और इसके बाद उन्हें एक के बाद एक सफलता मिलती गई। वर्ष 2000 से डोरो के कार्यक्रम दूरदर्शन पर भी आने शुरू हो गए।

वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ एक पारंपिक झोपड़ीनुमा मकान में रहते हैं जिसके आठ छोटे कमरे उन्होंने 500-500 रुपए के हिसाब से किराए पर दे रखे हैं। इससे उन्हें महीने में अतिरिक्त आमदनी होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें चार साल पहले 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी थी, जो अपर्याप्त है।
और भी
आडवाणी के नेतृत्व में सरकार बनेगी
रिश्वत लेते पकड़ा गया केन्द्रीय दल
राज ठाकरे को नोटिस
राजा ने कहा 'मैं निर्दोष हूँ'
पति ने की पत्नी की हत्या
औरतों को नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं...