बंगाली रंगमंच की वरिष्ठ और अनुभवी शख्सियत गणेश मुखर्जी का शहर के एक अस्पताल में 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मुखर्जी के परिवार में उनकी दो पुत्रियाँ हैं। उनकी पत्नी का भी काफी पहले निधन हो चुका था।
उन्हें गुर्दे से जुड़ी बीमारी के कारण एक सप्ताह पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुखर्जी ने आज सुबह तीन बजकर 30 मिनट पर अंतिम साँस ली। वर्ष 2001 में नाट्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त कर चुके मुखर्जी ने बिभर्त, जय जयंती और नट नटी जैसे नाटकों की पटकथा लिखी थी।
इन नाटकों के एक हजार से भी ज्यादा बार मंचन हुए और इन्होंने काफी लोकप्रियता बटोरी। रचनात्मक लेखक होने के साथ ही मुखर्जी ने रंगमंच पर कई लेख लिखे।
वे रव्रींद्र भारती विश्वविद्यालय में अतिथि प्राध्यापक भी थे। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 147वीं जयंती के मौके पर हो रहे जश्न के माहौल में उनके निधन के बाद बंगाली रंगमंच में उदासी छा गई है।
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