ऐसा समझा जाता है कि महाराष्ट्र कैबिनेट की हुई बैठक में उप-मुख्यमंत्री आरआर पाटिल को राज ठाकरे की ओर से उत्तर भारतीयों पर किए गए हमले से निपटने के तौर-तरीकों को लेकर अपने सहयोगियों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। बहरहाल उन्होंने पद छोड़ने की बात से इनकार कर दिया है।
गृह विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे पाटिल ने कहा कि उनके पद छोड़ने की बात वह लोग फैला रहे हैं, जो राकांपा के अंदर मतभेद बढ़ाना चाहते हैं।
क्या उत्तर भारतीयों के खिलाफ दिए गए बयान को लेकर राज ठाकरे के खिलाफ कार्रवाई किए जाने में देरी की गई? पाटिल ने कहा कि कार्रवाई किए जाने से पहले सभी पहलुओं पर विचार किया गया था। इसे सरकार की विफलता नहीं समझा जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी के नेता अबु आसिम आजमी के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि उत्तर भारतीयों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा? उन्होंने कहा कि किसी को भी निजी सेना बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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