कांग्रेस कर्नाटक में समर्थन के मुद्दे पर भ्रामक प्रचार कर आगामी चुनावों में भाजपा को जीत में अप्रत्यक्ष मदद दे रही है। बसपा को समर्थन दें, क्योंकि यही पार्टी समाज के सभी वर्गों को समान महत्व देती है। यह बात बसपा अध्यक्ष मायावती ने देवनहल्ली क्षेत्र में एक चुनावी सभा में सोमवार को कही। उन्होंने राज्य की सत्ता में कांग्रेसी की वापसी को खारिज करते हुए दावा किया कि कांग्रेस जैसे उत्तरप्रदेश में बुरी स्थिति से गुजरी है, लगभग वही हाल उसका कर्नाटक में भी होने वाला है।
उन्होंने कहा बसपा को समर्थन देने के मुद्दे पर कांग्रेस की गलत जानकारी से लोग भाजपा की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियाँ सत्ता के लिए पिछले चुनावों में गलत खेल दिखा चुकी हैं। उनकी कोशिश पूँजीपति और औद्योगिक घरानों को सुरक्षा देने की रहती है।
उप्र की मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यही कारण है कि आज देश में आजादी के 60 वर्षों बाद भी समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग खासतौर पर अल्पसंख्यक और दलित काफी पिछड़ा हुआ है।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि कांग्रेस का यह कहना कि बसपा उसके वोट बैंक में सेंध लगा रही है गलत है क्योंकि बसपा उसका सफाया करना चाहती है। बसपा ने जिस तरह उत्तरप्रदेश में सभी दलों का सफाया किया है, उसी तरह कर्नाटक में भी सभी दलों को हाशिए पर धकेल देगी। उन्होंने बताया कि बसपा सवर्ण जाति के जरूरतमंदों को भी छात्रवृत्ति देने के पक्ष में है। ऐसे में कांग्रेस का यह आरोप कि बसपा सवर्णों के खिलाफ है, एकदम गलत है, क्योंकि बसपा ने अपनी पार्टी की ओर से सतीशचंद्र मिश्रा को राज्यसभा का सदस्य बनाया है।
चौथी बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी मायावती ने कर्नाटक की जनता से पुरजोर अपील करते हुए कहा कि वे समाज के हर वर्ग के उस तबके को उसका हक दिलाना चाहती हैं, जिसे अब तक कांग्रेस और भाजपा ने उसके हक से वंचित रखा है।
बसपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष और देवनहल्ली क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार के. मुनियप्पा के समर्थन में सभा करने पहुँचीं मायावती के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीशचंद्र मिश्रा, राष्ट्रीय महासचिव पीजीआर सिंधिया, कर्नाटक के प्रभारी वीरसिंह, बसपा प्रदेशाध्यक्ष एम मुनियप्पा, पूर्व सांसद एचएन नंजेगौड़ा, प्रदेश महासचिव गोपीनाथ सहित बसपा से विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 30 उम्मीदवार मौजूद थे।
|