मध्य कमान के सेनाध्यक्ष ले. जनरल एचएस पनाग का कहना है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद उसमें व्याप्त खामियों को यदि दूर कर लिया गया तो देश के युवाओं का भी सेना के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।
पनाग ने सेना में अधिकारियों की कमी को स्वीकार किया और बताया कि अधिकारी स्तर पर अच्छी गुणवत्ता भी सेना को नहीं मिल पा रही है। सेना को अलग दृष्टि से देखना होगा क्योंकि सेना के जवान 50 प्रतिशत समय परिवार से दूर रहते हैं और उनका काम जोखिमों से भरा होता है। उनका कहना है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों में सेना के रैंक का स्तर नीचा हुआ है।
उन्होंने मध्य कमान के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार का रुख रक्षा सेवाओं के प्रति सकारात्मक है और उन्हे विश्वास है कि सशस्त्र सेनाओं के प्रति सरकार न्याय करेगी और वेतन विसंगतियाँ शीघ्र ही दूर होंगी, जिससे युवाओं का आकर्षण सेना के प्रति बढ़ेगा।
पनाग ने बताया कि वे मध्य कमान में प्रोजेक्ट 'मिलाप' को तबज्जो देंगे। उन्होंने बताया कि सेना में काम की वजहों से जवान आत्महत्या नहीं कर रहे हैं, इसके पीछे घरेलू कारण प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना के मुकाबले अमेरिकी सेना में आत्महत्या की दर कहीं ज्यादा है।
मध्य कमान का स्थापना दिवस मना : मध्य कमान के स्थापना दिवस की 45वीं वर्षगाँठ आज हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ मध्य कमान के युद्ध स्मारक 'स्मृतिका' पर माल्यार्पण कार्यक्रम के साथ हुआ। ले. जनरल पनाग ने 'स्मृतिका' पर माल्यार्पण कर उन वीर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
समारोह का मुख्य आकर्षण 'सम्मान समारोह' रहा जिसमें सेना, सर्विसेज, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत एवं काँस्य पदक हासिल कर मध्य कमान एवं राष्ट्र को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
विगत वर्ष मध्य कमान ने सैन्य स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में 15 स्वर्ण, 28 रजत, 24 काँस्य पदक हासिल किए। इसके अतिरिक्त सर्विसेज स्तर पर 41 स्वर्ण, 13 रजत, 15 काँस्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर 67 स्वर्ण, 53 रजत और 57 काँस्य पदक प्राप्त किए।
सैन्य, सर्विसेज एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः 3000, 4000 तथा 6000 रुपए का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, रजत पदकधारकों को क्रमशः 2000, 3000 तथा 4000 रुपए काँस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः 1000, 1500 तथा 2000 रुपए के नकद पुरस्कार से सम्मनित किया गया।
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